लखनऊ,01 मार्च । प्रख्यात समाजसेवी स्व. प्रेम सागर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य वक्ता स्वान्त रंजन ने कहा कि स्व. प्रेम सागर ने अपने जीवनकाल में समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया और हमेशा जनहित को सर्वोपरि रखा।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने बताया कि स्व. प्रेम सागर ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके प्रयासों से अनेक जरूरतमंद परिवारों को सहायता मिली और युवाओं को नई दिशा मिली।
स्वान्त रंजन ने कहा कि स्व. प्रेम सागर का व्यक्तित्व सरल और सौम्य था, लेकिन उनके विचार बेहद दृढ़ थे। उन्होंने समाज में नैतिक मूल्यों और मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि सच्ची सफलता वही है जो समाज के काम आए।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। परिवार के सदस्यों ने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्व. प्रेम सागर के आदर्शों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सभा के अंत में यह संकल्प लिया गया कि उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रहेंगे, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव की उनकी सोच को आगे बढ़ाया जा सके।