हरियाणा राज्यसभा चुनाव में BJP की चुनावी चाल! जानें पूरी रणनीति

हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा-कांग्रेस ने भरे नामांकन

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। भाजपा ने संजय भाटिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया। वहीं, कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौद्ध को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह उनका पहला चुनावी दौर होगा। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी नामांकन के समय मौजूद रहे।

तीसरे उम्मीदवार की चर्चा और बौद्ध की पृष्ठभूमि

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, सतीश नांदल तीसरे प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। उनकी मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात भी हो चुकी है। भाजपा की टीम उनके नामांकन की तैयारी में जुटी है। दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध एससी समाज से आते हैं। वह हरियाणा सिविल सचिवालय में एडीओ रह चुके हैं। बौद्ध आईपीएस पूरन कुमार मामले में आंदोलन के अग्रणी भी रहे हैं।

राज्यसभा चुनाव का गणित और जीत का कोटा

हरियाणा विधानसभा में कुल 90 वोट हैं। भाजपा के 48 और कांग्रेस के 37 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत का कोटा 31 वोट है। पहले दौर में भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने उम्मीदवार आसानी से जिता सकती हैं। इससे भाजपा के पास 17 और कांग्रेस के पास 6 वोट बचेंगे। निर्दलीय और इनेलो के वोट मिलाकर भी 31 का आंकड़ा नहीं बन पाता। इसलिए तीसरी सीट के लिए क्रॉस वोटिंग महत्वपूर्ण होगी।

निर्विरोध चुनाव की संभावना

संवैधानिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों प्रमुख दल केवल एक-एक उम्मीदवार ही खड़ा करते हैं, तो मतदान नहीं होगा। दोनों प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए जाएंगे। हालांकि, यदि भाजपा दूसरा उम्मीदवार उतारती है, तो मतदान अनिवार्य हो जाएगा। ऐसी स्थिति में पार्टी को जीत के लिए क्रॉस वोटिंग पर निर्भर रहना पड़ेगा।

चुनाव प्रक्रिया और अहम तिथियां

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन 5 मार्च तक जारी रहेंगे। भारतीय निर्वाचन आयोग ने आईएएस पंकज अग्रवाल को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया है। चुनाव प्रक्रिया पर नज़र रखने के लिए आप भारतीय निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। हरियाणा की राजनीतिक खबरों के लिए हरप्रथम एक उपयोगी स्रोत है।
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