अजमेर, 4 जून। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के अन्तर्गत जिले में शुक्रवार को विभिन्न स्थानों पर गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी शुक्रवार को जिले के दौरे पर रहने के दौरान बूढ़ा पुष्कर में आयोजित जल संरक्षण जन अभियान कार्यक्रम में भाग लेंगी।
जिला कलक्टर लोक बन्धु ने बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 का समापन शुक्रवार 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बूढ़ा पुष्कर में आयोजित होगा। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान 2026 के अन्तर्गत प्रातः 9 बजे बूढ़ा पुष्कर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगी। इसके पश्चात उनके द्वारा अजमेर जिला प्रभारी मंत्री के रूप में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी ली जाएगी। इसमें जिले की विकास योजनाओं, प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करेंगी। इसके पश्चात उनका जयपुर प्रस्थान का कार्यक्रम रहेगा। अभियान के समापन दिवस पर जिले में विभिन्न विभागों द्वारा पर्यावरण सुधार, जल संचयन और जन-जागृति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण और प्रभावी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतिम दिन वन विभाग द्वारा हरियालो राजस्थान की पूर्व तैयारियों को गति देते हुए पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने, सीसीटी और एसजीटी के कार्य बड़े स्तर पर प्रारंभ किए जाएंगे। इसके साथ ही, वन क्षेत्रों में स्थित जल संग्रहण ढांचों की गाद निकालने (डी-सिल्टिंग) का कार्य किया जाएगा और विभाग की विभिन्न योजनाओं में निर्मित व पूर्ण हो चुकी जल संग्रहण संरचनाओं का अवलोकन व लोकार्पण भी संपन्न होगा। इस विशेष दिन पर आमजन को पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए तुलसी के पौधों का वितरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.1 एवं 2.2 के तहत पूर्ण हो चुके कार्यों के लोकार्पण के साथ ही अभियान 2.2 एवं 2.3 के अंतर्गत नए कार्यों को स्वीकृति देकर उन्हें मनरेगा व अन्य योजनाओं के तहत तुरंत शुरू करवाया जाएगा। जिले की नर्सरियों में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम चलाकर पौधों की ग्रेडिंग की जाएगी। इनका अधिकारियों द्वारा निरीक्षण भी किया जाएगा। चयनित स्थानों पर पर्यावरण अनुकूल (इको-फ्रेंडली) कलाकृतियां तैयार की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्वायत्त शासन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जल प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ी पहल की जाएगी। इसके तहत जिले के नदी-नालों के अपशिष्ट पानी को साफ करने के लिए एसटीपी और सीईटीपी संयंत्रों की आवश्यकता व उपलब्धता का तकनीकी आकलन किया जाएगा। इनसे प्राप्त परिष्कृत जल के पुनः उपयोग के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, नदियों, तालाबों और झीलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए व्यापक जन-जागृति अभियान चलाया जाएगा। समाज को पर्यावरण संकट से बचाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने के लिए चेतना अभियान के साथ-साथ प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए सामूहिक शपथ कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।