हिमाचल बॉर्डर जाम: टैक्स बढ़ोतरी पर आक्रोश, अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

हिमाचल एंट्री टैक्स बढ़ोतरी पर जोरदार विरोध

हिमाचल प्रदेश सरकार के एंट्री टैक्स बढ़ाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। पंजाब और हरियाणा के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। हरियाणा-हिमाचल सीमा पर बरोटीवाला बैरियर लंबे समय तक जाम रहा। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ा हुआ टैक्स वापस लेने की मांग रखी।

31 मार्च से हो सकता है अनिश्चितकालीन धरना

प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी भी दी है। उनकी मांगें न मानी गईं तो 31 मार्च से कड़ा रुख अपनाया जाएगा। हिमाचल सीमाओं पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इससे अंतरराज्यीय यातायात प्रभावित होगा। व्यापार और परिवहन व्यवस्था भी बाधित हो सकती है।

एंट्री टैक्स दरों में भारी बढ़ोतरी

नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी। पहले प्रवेश शुल्क मात्र 70 रुपए था। अब इसे बढ़ाकर 170 रुपए कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी आम जनता पर अतिरिक्त बोझ है। व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को भी नुकसान होगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह फैसला जनसुनवाई के बिना लिया गया।

सीमावर्ती गांवों के लोगों पर सीधा असर

यह वृद्धि बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र के लिए चिंताजनक है। सीमा से सटे गांवों के निवासी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। उनकी दैनिक आवाजाही महंगी हो जाएगी। समय रहते समाधान न निकला तो आंदोलन और विस्तार पकड़ सकता है। इससे सीमा क्षेत्रों में तनाव बढ़ सकता है।

स्थानीय नेतृत्व और जनता ने किया समर्थन

इस विरोध प्रदर्शन में कई स्थानीय नेता शामिल रहे। पूर्व चेयरमैन राजेश कोना ने नेतृत्व किया। मढांवाला पंचायत के पूर्व सरपंच हरबंस लाल भी मौजूद रहे। बीडीसी सदस्य मनदीप और रविकांत ने भी हिस्सा लिया। आसपास की ग्राम पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटे।

इस मुद्दे पर अधिक जानकारी के लिए आप बिजनेस स्टैंडर्ड की वेबसाइट देख सकते हैं। साथ ही, राज्य सरकार की नीतियों को समझने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार का आधिकारिक पोर्टल भी उपयोगी हो सकता है।
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