वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से दस श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत
वृंदावन में यमुना नदी में एक नाव पलट गई। इस दुर्घटना में दस श्रद्धालुओं की मौत हो गई। यह हादसा शुक्रवार को हुआ। मृतकों में भिवानी निवासी आशा मिड्ढा भी शामिल हैं। वह अपने मायके वालों के साथ वृंदावन आई थीं। इसी हादसे में उनके छह रिश्तेदारों की भी जान चली गई।
आशा मिड्ढा का परिवार और आखिरी यात्रा
आशा मिड्ढा 55 वर्ष की थीं। वह तीन बच्चों की मां थीं। उनके दोनों बेटे भिवानी में एक ढाबा चलाते हैं। आशा 9 अप्रैल को सोनीपत अपनी बेटी के घर गई थीं। वहां से वह लुधियाना से आए रिश्तेदारों के साथ वृंदावन के लिए रवाना हुईं। हादसे की खबर मिलते ही उनके बेटे वृंदावन पहुंच गए।
एक ही परिवार को भारी क्षति, सात सदस्यों की मौत
इस नाव दुर्घटना में एक ही परिवार को भारी नुकसान हुआ है। आशा मिड्ढा का मायका लुधियाना में है। उनके सात रिश्तेदार इस हादसे में मारे गए हैं। मृतकों में मधुर बहल, उसकी मां और अन्य करीबी रिश्तेदार शामिल हैं। यह पूरा परिवार श्रद्धा यात्रा पर आया था।
हादसे की वजह और चौंकाने वाला वीडियो सामने आया
श्रद्धालु यमुना पार कर मंदिर जा रहे थे। नाव एक अस्थायी पुल से टकराकर पलट गई। जलस्तर बढ़ने के कारण पीपों का पुल हटा दिया गया था। हादसे से पहले का एक वीडियो सामने आया है। इसमें किसी भी यात्री ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। सभी श्रद्धालु ‘राधे-राधे’ का जाप कर रहे थे।
यात्रा का आयोजन और बचाव कार्य
यह यात्रा लुधियाना के एक क्लब ने आयोजित की थी। दो बसों में 130 श्रद्धालु वृंदावन आए थे। हादसे के बाद बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। सेना की टीमें भी मदद के लिए पहुंची। अधिकांश श्रद्धालु पंजाब के रहने वाले थे। यह दुर्घटना वृंदावन में यमुना नदी की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।
इस तरह की दुर्घटनाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप एनडीटीवी की खबर पढ़ सकते हैं। सुरक्षा मानकों के बारे में अधिक जानने के लिए भारत सरकार की वेबसाइट देखें।
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