केंद्र की टीम ने लिए गेहूं के सैंपल, खरीद नियमों में ढील का इंतजार!

पंजाब में बेमौसम बारिश से गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित

केंद्र सरकार की विशेष टीमें पंजाब के बाजारों का दौरा कर रही हैं। उनका उद्देश्य गेहूं की फसल की गुणवत्ता की जांच करना है। यह कदम बेमौसम बारिश के बाद उठाया गया है। बारिश से राज्य में गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इससे सरकारी खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।

संगरूर की मंडियों से लिए गए नमूने

केंद्रीय टीमों ने संगरूर जिले की विभिन्न अनाज मंडियों से गेहूं के नमूने एकत्र किए हैं। यह दौरा पंजाब सरकार की मांग के बाद किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खरीद नियमों में ढील देने का अनुरोध किया था। डीएफएससी अधिकारी गुरप्रीत सिंह कंग ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने मीडिया को जानकारी दी।

नौ टीमें कर रही हैं मूल्यांकन का कार्य

राज्य भर में कुल नौ टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों ने भवानीगढ़ और संगरूर मंडी से सैंपल लिए हैं। अब ये टीमें धुरी क्षेत्र की ओर बढ़ रही हैं। टीमें गेहूं में नमी की मात्रा की जांच कर रही हैं। सिकुड़े हुए दाने और चमक में कमी भी मुख्य फोकस क्षेत्र हैं।

किसानों को हो रही है परेशानी

किसान पिछले कई दिनों से मंडियों में बैठे हैं। खरीद न होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद खरीद प्रक्रिया तेज की जाएगी। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

फसल गुणवत्ता जांच का महत्व

यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है ताकि उचित मूल्यांकन हो सके। गुणवत्ता मानकों के बारे में अधिक जानकारी एगमार्क वेबसाइट पर उपलब्ध है। इससे नीति निर्धारण में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों के हितों का भी संरक्षण होगा।
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