ईडी के छापों से डर कर नहीं झुकेंगे, हर दबाव का डटकर मुकाबला करेंगे : मुख्यमंत्री मान

चंडीगढ़, 17 अप्रैल । पंजाब की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आरोप लगाया है कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा, राज्य में चुनावी माहौल बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) के दो नेताओं के घरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी इसी रणनीति का हिस्सा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर चुकी है, लेकिन जनता के बीच जाने की बजाय वह डर और दबाव की राजनीति कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जिस पार्टी को 117 उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे, वह एजेंसियों के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है।

मान ने आरोप लगाया कि देश में गैर-भाजपा सरकारों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के फंड रोक रही है और राज्यपालों, ईडी, सीबीआई तथा चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं के जरिए दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, जो नेता भाजपा में शामिल हो जाते हैं, वे “वॉशिंग मशीन” की तरह साफ हो जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है, जहां जनता अपनी पसंद की सरकार चुनती है। लेकिन पिछले कुछ समय से लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक भेदभाव कर रही है और विपक्षी राज्यों को उनका हक नहीं दिया जा रहा।

आप को निशाना बनाए जाने के सवाल पर मान ने कहा कि उनकी पार्टी तेजी से उभर रही है और महज 10 साल में राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी है। यही कारण है कि भाजपा उसे अपने लिए खतरा मान रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस से समझौता कर सकती है, लेकिन किसी तीसरी ताकत को उभरते नहीं देखना चाहती।

मान ने दिल्ली के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि आप के कई वरिष्ठ नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया गया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें जेल भेजा गया, जबकि अदालतों में कई मामलों में ठोस सबूत नहीं मिले।

उन्होंने हाल ही में आप के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और मंत्री संजीव अरोड़ा के घर हुई ईडी कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि यह सब राजनीतिक बदले की भावना से किया जा रहा है। मान के अनुसार, “जिसने भाजपा को हराया, वह उनके निशाने पर आ गया।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश में एक खतरनाक प्रवृत्ति देखने को मिल रही है, जहां चुनाव जनता के मुद्दों पर नहीं, बल्कि एजेंसियों के जरिए लड़े जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “पहले नेताओं को जेल में डालो, चुनाव करवा लो, फिर देखेंगे” जैसी मानसिकता अपनाई जा रही है।

भाजपा पर तीखा हमला जारी रखते हुए मान ने कहा कि अगर कोई नेता भाजपा की शर्तें मान लेता है, तो उसके खिलाफ सभी मामले खत्म हो जाते हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए “खुली तानाशाही” करार दिया।

पंजाब में भाजपा की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी का राज्य में कोई मजबूत संगठन या जनाधार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अन्य दलों के नेताओं को दबाव में लाकर अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। मान ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी किसी भी दबाव या छापेमारी से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि “पंजाबी डर के आगे झुकने वाले नहीं हैं। चाहे जितना दबाव बना लो, हम डटकर मुकाबला करेंगे।