पठानकोट में ग्रांट: 13 गांवों का विकास, नशामुक्त पंजाब

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पठानकोट के सीमावर्ती गांवों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्यों से मुलाकात की। राज्यपाल ने लोगों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए बड़ी घोषणा

राज्यपाल ने फंगोता क्षेत्र के 13 गांवों को विशेष अनुदान की घोषणा की। प्रत्येक गांव को 10 लाख रुपये की ग्रांट दी जाएगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने नियाड़ी क्षेत्र में कॉलेज बस सेवा के लिए भी सहयोग का आश्वासन दिया।

नशामुक्त पंजाब के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान

राज्यपाल ने नशा विरोधी अभियान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पठानकोट एक संवेदनशील सीमावर्ती जिला है। यहां विलेज डिफेंस कमेटियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयास से ही नशे की समस्या का स्थायी समाधान संभव है।

जनभागीदारी से साकार होगा सपना

गुलाब चंद कटारिया ने लोगों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा, जनता को स्वयं ‘सारथी’ बनना होगा। तभी ‘नशा मुक्त पंजाब’ का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा। राज्य में चल रहे जन-जागरण अभियान को सफल बनाना है। पंजाब सरकार की योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी यहाँ प्राप्त करें।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस दौरान कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख सचिव विवेक प्रताप सिंह शामिल थे। डिप्टी कमिश्नर डॉ. पल्लवी और एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों भी उपस्थित थे। सभी ने सीमावर्ती विकास और नशामुक्ति पर चर्चा की। भारत सरकार की नीतियों के बारे में और जानें।
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