बरेली, 22 अप्रैल । शहर की परिवहन व्यवस्था अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। प्रदूषण पर लगाम लगाने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए जल्द ही बरेली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी। खास बात यह है कि इन बसों का संचालन पुराने रोडवेज परिसर से किया जाएगा, जहां अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप भी स्थापित की जाएगी।
परिवहन विभाग की इस पहल को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं। रुहेलखंड डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी के मुताबिक, इस परियोजना के लिए शासन ने 2.5 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। पहले चरण में बरेली डिपो को 10 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी, जिन्हें लखनऊ और दिल्ली जैसे व्यस्त रूटों पर चलाया जाएगा।
इन बसों की सबसे बड़ी खासियत उनकी दक्षता है। एक बार फुल चार्ज होने पर ये करीब 250 किलोमीटर तक चल सकेंगी और इन्हें मात्र एक घंटे में पूरी तरह चार्ज किया जा सकेगा। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों को एक स्मूथ और शांत सफर का अनुभव भी मिलेगा।
यही नहीं, पूरे रीजन में इलेक्ट्रिक बसों के सुचारु संचालन के लिए अन्य जनपदों में भी चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इससे लंबी दूरी की यात्रा में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल शहर में कार्बन उत्सर्जन को कम करने और वायु गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी। कुल मिलाकर, बरेली का यह कदम न सिर्फ आधुनिक परिवहन की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत है, बल्कि आने वाले समय में ‘ग्रीन सिटी’ बनने की मजबूत नींव भी रखता है।