अरोड़ा गिरफ्तारी के बाद ED ने गमाडा पर कसा शिकंजा

पंजाब मंत्री की गिरफ्तारी के बाद ईडी की जांच गमाडा तक पहुंची

पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच तेज कर दी है। अब जांच की आंच ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) तक पहुंच गई है। ईडी ने वर्ष 2019 के बाद मंजूर किए गए विभिन्न रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से संबंधित फाइलें, मंजूरी प्रक्रिया और वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड तलब किया है। सूत्रों के अनुसार एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी तो नहीं की गई। एजेंसी सरकारी देनदारियों और फंड के इस्तेमाल में अनियमितता की भी जांच कर रही है। इसी कड़ी में गमाडा के कई विभागों से दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। अब पढ़ें ईडी कार्रवाई के 3 बड़े पॉइंट्स:-

पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं प्रमोटर

इस मामले में रॉयल एस्टेट ग्रुप के प्रमोटर प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को ईडी ने 30 मई को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले भी ईडी की टीमें चंडीगढ़, मोहाली, जीरकपुर और पंजाब के अन्य स्थानों पर छापेमारी कर चुकी हैं। एजेंसी ने कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत की जा रही है। ईडी अब इन प्रमोटरों के गमाडा से जुड़े लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही है।

मंत्री के करीबियों पर भी नजर

संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने उनके कथित करीबियों, सहयोगियों और कारोबारी संपर्कों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार ईडी की कई टीमें लगातार विभिन्न स्थानों पर दस्तावेज जुटा रही हैं। एजेंसी वित्तीय लेन-देन की पड़ताल में लगी हुई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं सरकारी बकायों को दबाने के लिए कोई नेटवर्क सक्रिय था। फंड ट्रांसफर करने या वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए भी जांच की जा रही है। ईडी ने अब तक कई स्थानों पर छापेमारी की है और दस्तावेज जब्त किए हैं।

गमाडा से जुटाए जा रहे दस्तावेज

ईडी ने गमाडा के कई विभागों से दस्तावेज मांगे हैं। इनमें प्रोजेक्ट मंजूरी प्रक्रिया और वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड शामिल है। एजेंसी यह देखना चाहती है कि क्या 2019 के बाद मंजूर प्रोजेक्ट्स में अनियमितता हुई। इस मामले में अब तक कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। ईडी की कार्रवाई से पंजाब की सियासत गरमा गई है। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाए हैं और स्पष्टीकरण की मांग की है। इस जांच के परिणाम आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति पर गहरा असर डाल सकते हैं।

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