पंजाब सरकार राज्य में करवाएगी हमारे राम नाटक का मंचन

चंडीगढ़, 03 अगस्त । पंजाब सरकार अगस्त और सितंबर माह के दौरान पूरे राज्य में “हमारे राम” नाटक की व्यापक पेशकारी करवाएगी। पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने राज्य भर के लोगों को समकालीन नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान राम के शाश्वत आदर्शों को दर्शाने वाले शानदार स्टेज शो करवाने के लिए व्यापक योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार रामायण के ऐतिहासिक महाकाव्य के माध्यम से सनातन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी।

सौंद ने बताया कि नाटक ‘हमारे राम’ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से युवाओं द्वारा भरपूर सराहना मिल रही है और अब मान सरकार इसे पंजाब के निवासियों को भी यह नाट्य पेशकारियां दिखाने जा रही है। उन्होंने बताया कि इस शो की स्क्रीनिंग के दौरान प्रकाश और ध्वनि के सुदृढ़ प्रबंध किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि अब यह प्रस्तुति 7 और 8 अगस्त को मोहाली की एमिटी यूनिवर्सिटी में, 9 और 24 अगस्त को बठिंडा के बलवंत गार्गी ऑडिटोरियम में, 28 और 29 अगस्त को जालंधर के सी.टी. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में, 30 अगस्त को फिरोजपुर के जेनेसिस इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड रिसर्च में, 4 और 5 सितंबर को हुशियारपुर के कैंब्रिज स्कूल में, 6 और 11 सितंबर को गुरदासपुर के सुखजिंद्रा कॉलेज में, 12 और 13 सितंबर को पठानकोट के दीन दयाल ऑडिटोरियम में, 16 और 17 सितंबर को अमृतसर के जी.एन.डी.यू. कैंपस में, 18 और 19 सितंबर को पटियाला के पंजाबी यूनिवर्सिटी कैंपस में, 20 सितंबर को खन्ना में, 25 और 26 सितंबर को लुधियाना के मनमोहन सिंह ऑडिटोरियम में और 27 सितंबर को संगरूर के एस.एल.आई.ई.टी. लोंगोवाल में की जाएँगी, जिनमें कुल 41 प्रस्तुतियां होंगी।

सौंद ने बताया कि फेलिसिटी थिएटर द्वारा निर्मित “हमारे राम” एक व्यापक हिंदी स्टेज प्रोग्राम है जो मनमोहक दृश्यों, हवाई कलाबाज़ियों और अत्याधुनिक स्टेज प्रबंधों के माध्यम से महाकाव्य रामायण को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है। इस नाटक में प्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा रावण की भूमिका में और राहुल आर. भूचर भगवान राम की भूमिका में हैं।

इस नाटक की विशिष्टता पर प्रकाश डालते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि पारंपरिक दृश्यों के विपरीत, “हमारे राम” प्रोग्राम रामायण को अद्वितीय और अनछुए दृष्टिकोणों से प्रस्तुत करेगा। यह कहानी माता सीता के वियोग के बाद लव और कुश द्वारा भगवान राम का सामना करने से शुरू होती है और सूर्य देवता के अलौकिक दृष्टिकोण के माध्यम से प्रस्तुत की जाती है, जो दर्शकों को इस आदरणीय महाकाव्य की एक नई व्याख्या प्रदान करती है।

सौंद ने कहा कि इन प्रस्तुतियों का उद्देश्य युवा पीढ़ी में भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक विरासत को बढ़ावा देना है, साथ ही विश्व स्तरीय नाट्य कला को प्रोत्साहन देना और उसका प्रसार करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल नवीन और आकर्षक माध्यमों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि यह व्यापक नाट्य प्रस्तुति संगीत, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स और आधुनिक तकनीक को जोड़कर एक अनोखा सांस्कृतिक अनुभव पैदा करती है, जो समाज के सभी वर्गों के दर्शकों को प्रभावित करेगी।

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