मां ने जलता बेटा देखा, नहीं बचाया?

पठानकोट में मां ने 11 दिन के बेटे को आग लगाई, बच्चा बुरी तरह झुलसा

पंजाब के पठानकोट जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ने अपने 11 दिन के मासूम बेटे को आग लगा दी। इस घटना में बच्चा बुरी तरह झुलस गया। बच्चे के पिता मंदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि वह सामान लेने बाजार गए थे। उस समय उनकी पत्नी संतोष घर पर थी। बच्चा बिस्तर पर लेटा हुआ था। तभी पत्नी ने गुस्से में आकर बिस्तर में आग लगा दी।

जब मंदीप सिंह घर लौटे तो उन्होंने देखा कि कमरे से धुआं निकल रहा था। बच्चा जोर-जोर से रो रहा था। वह तुरंत अंदर गए और बच्चे को उठाकर अस्पताल ले गए। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी पास ही खड़ी थी। बच्चे के दोनों पैर, टांगें, पेट और कोहनी बुरी तरह झुलस गए थे। यह घटना गांव भोआ की है।

पति ने लगाए गंभीर आरोप, पहले बच्चे की भी मौत आग से

मंदीप सिंह ने बताया कि उनकी शादी 6 साल पहले हुई थी। उनकी पत्नी को अक्सर गुस्सा आता है। गुस्से में वह आपा खो देती है और पागलों जैसी हरकतें करने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पत्नी प्रेग्नेंट थी, तब भी उसने पेट में मुक्के मारे थे। वह बच्चे को नुकसान पहुंचाना चाहती थी।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 4 साल पहले उनका पहला बच्चा भी सिर्फ 16 दिन का था। उसकी भी मौत आग लगने से हुई थी। उस समय पत्नी ने बहाना बनाया था कि वह सामान लेने दूसरे घर में गई थी। पीछे से आग लग गई थी। लेकिन आग लगने का कारण आज तक स्पष्ट नहीं हो सका।

परिवार ने पोती की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

बच्चे के दादा सुरिंदर पाल ने पुलिस प्रशासन से इंसाफ की मांग की है। उन्होंने बताया कि आरोपी महिला फिलहाल अपने मायके में रह रही है। पुलिस ने उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है। परिवार को चिंता है कि उनकी 5 साल की पोती भी घर में है। उन्हें डर है कि आरोपी महिला उसे भी नुकसान पहुंचा सकती है।

परिवार ने मांग की है कि पोती को उनके पास वापस दिलाया जाए। आरोपी महिला के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। मंदीप सिंह ने बताया कि जब उन्होंने ससुराल पक्ष से शिकायत की, तो उन्होंने अपनी बेटी को समझाने के बजाय पल्ला झाड़ लिया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी महिला फरार

मंदीप सिंह की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने आरोपी महिला संतोष के खिलाफ 25 अप्रैल को मामला दर्ज कर लिया है। संतोष जिला गुरदासपुर के धारीवाल गांव की रहने वाली है। फिलहाल आरोपी महिला पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यह मामला महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या को उजागर करता है। कई बार प्रसवोत्तर अवसाद या अन्य मानसिक विकारों के कारण महिलाएं ऐसी हरकतें कर बैठती हैं। अगर आप या आपके आस-पास कोई ऐसी समस्या से जूझ रहा है, तो तुरंत मदद लें। WHO मानसिक स्वास्थ्य या NIH प्रसवोत्तर अवसाद पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
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