धर्मकोट पुलिस ने अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ किया
धर्मकोट पुलिस ने गांव ढोलेवाला के खेतों में चल रहे एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 8 युवकों को बचाया। उन्हें जनेर स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया। वहीं, 5 युवक मौके से भागने में सफल रहे। डीएसपी धर्मकोट सुखविंद्र सिंह बराड़ ने बताया कि थाना धर्मकोट के प्रभारी इंस्पेक्टर लछमन सिंह अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि ढोलेबाला के खेतों में एक गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्र संचालित हो रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तहसीलदार और डॉक्टरों की एक टीम के साथ मौके पर छापा मारा। पुलिस बल ने केंद्र को चारों ओर से घेरकर वहां मौजूद युवकों को बाहर निकाला।
जांच में सामने आई सच्चाई
जांच में सामने आया कि यह केंद्र मोगा निवासी कुलजीत सिंह और धर्मकोट निवासी रिक्की टंडन द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के चलाया जा रहा था। केंद्र में रखे गए युवकों के साथ उचित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि मौके से भागे युवकों की तलाश जारी है। पकड़े गए युवकों की मेडिकल जांच के बाद उन्हें जनेर स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र पंजाब सरकार में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने केंद्र संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना
धर्मकोट पुलिस ने इस छापेमारी में त्वरित कार्रवाई करते हुए केंद्र को बंद करा दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अवैध केंद्र समाज के लिए खतरा हैं। युवाओं को नशे से बचाने के बजाय इन केंद्रों पर अनियमितताएं हो रही थीं। डीएसपी बराड़ ने बताया कि भागे युवकों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। इसके लिए पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल किया जा सकता है। पुलिस का अभियान नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समाज के लिए सबक और सावधानियां
यह घटना हमें बताती है कि अवैध नशा मुक्ति केंद्रों से सावधान रहना जरूरी है। केवल सरकारी मान्यता प्राप्त केंद्रों पर ही भरोसा करें। अगर कोई संदिग्ध केंद्र दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने कहा कि वे ऐसे सभी अवैध केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी जाती है। सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों पर मुफ्त इलाज मिलता है। पुलिस की यह कार्रवाई समाज के लिए एक चेतावनी है कि नशा मुक्ति के नाम पर किसी भी धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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