पटियाला: भाखड़ा नहर में कूदा परिवार, तीन मौतें – क्यों?

पटियाला में दिल दहला देने वाली घटना: पिता ने तीन बच्चों को नहर में फेंका, दो की मौत

पंजाब के पटियाला जिले में एक भयावह घटना सामने आई है। मंडोली गांव के पास भाखड़ा पुल से एक परिवार ने नहर में छलांग लगा दी। इस घटना में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। वहीं, पति-पत्नी को मौके पर मौजूद लोगों ने बचा लिया। यह घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, मोहाली जिले के गांव मौजपुर, थाना सुहाना के रहने वाले हरप्रभजोत सिंह अपनी पत्नी जसविंदर कौर और तीन बच्चों के साथ भाखड़ा पुल पर पहुंचे थे। तीनों बच्चों के नाम एकमजोत सिंह (14 वर्ष), मुस्कान (12 वर्ष) और राजवीर कौर (8 वर्ष) बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, हरप्रभजोत सिंह ने पहले अपने तीनों बच्चों को नहर में धकेल दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के साथ खुद भी छलांग लगा दी।

स्थानीय लोगों ने बचाई जान, बच्चे बह गए

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाए। लोगों ने पति-पत्नी को नहर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, पानी के तेज बहाव के कारण तीनों बच्चे बह गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव नहर से बरामद कर लिए। बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

थाना गंडा खेड़ी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है। पति-पत्नी को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। इस तरह की घटनाएं समाज को गहरा सदमा पहुंचाती हैं। परिवार में मातम का माहौल है।

पुलिस जांच में जुटी, लोगों से मदद की अपील

पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है कि हरप्रभजोत सिंह ने ऐसा कदम क्यों उठाया। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह किसी मानसिक तनाव में था या उसके परिवार में कोई विवाद था। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी के लिए पुलिस को सूचित करें। आसपास के गांवों में भी इस घटना को लेकर चर्चा है।

इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया है। WHO मानसिक स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, समय पर सहायता मिलने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। परिवार और समाज को एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए। मानसिक तनाव कम करने के तरीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। वहीं, बच्चों की मौत से परिवार तबाह हो गया है। पूरे इलाके में शोक की लहर है।
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