पंजाब में ईडी की कार्रवाई से सियासत गरमाई
पंजाब में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईडी आज फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर छापेमारी कर रही है। इससे छोटे व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। केजरीवाल ने व्यापारियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। पंजाब सरकार और राज्य उनके साथ खड़ा है। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में बवाल मचा दिया है।
बीजेपी और आप नेताओं की आपसी तीखी प्रतिक्रिया
केजरीवाल के बयान पर बीजेपी नेता अनिल सरीन ने पलटबार किया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं। सरीन ने आरोप लगाया कि पंजाब में विजिलेंस को राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद आम आदमी पार्टी के हरियाणा प्रेसिडेंट सुशील कुमार गुप्ता ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केजरीवाल की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “ED पार्टी का खेल खत्म करने की शुरुआत पंजाब ही करेगा।” यह बयान आप और बीजेपी के बीच बढ़ती खींचतान को दर्शाता है।
हिंदू वोटरों को लेकर आप नेताओं का तंज
इस मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी वाले पंजाब के हिंदू व्यापारियों के मन में डर बिठाना चाहते हैं। ढांडा ने पूछा, “यह कितनी शर्म की बात है कि हिंदुओं से वोट मांगते हैं और उन्हें बर्बाद करने पर तुले हैं।” उन्होंने बीजेपी पर एक बार फिर हिंदू मतदाताओं के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। इससे पता चलता है कि आप हिंदू वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है। इस पूरे विवाद में केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
सियासी हलचल में राहत की कोशिश
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में व्यापारियों से सीधा आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार उनके साथ है और किसी को डरने की जरूरत नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब ईडी की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में आप नेताओं और व्यापारियों पर ईडी की कार्रवाई बढ़ी है। बीजेपी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। वहीं आप का कहना है कि यह केंद्र सरकार का दबाव बनाने का तरीका है। इसके बीच आम आदमी पार्टी लगातार अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
इस पूरे मामले में दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। पंजाब में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। व्यापारियों और आम जनता के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि इस विवाद का राजनीतिक परिणाम क्या निकलता है।
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