दोस्त से कुकर्म, फिर हत्या: कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

मोहाली में चार साल पुराने जघन्य अपराध में युवक को उम्रकैद

मोहाली की जिला अदालत ने एक चौंकाने वाले मामले में फैसला सुनाया है। चार साल पहले एक दोस्त को शराब पिलाकर कुकर्म करने और हत्या करने के आरोपी राहुल कुमार (उम्र 20 वर्ष, निवासी मुजफ्फरपुर, यूपी) को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने उसे हत्या, कुकर्म और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया। यह पूरी कहानी किसी थ्रिलर फिल्म की तरह है। इसमें पैसों के विवाद के चलते एक दोस्त ने दूसरे को तड़पा-तड़पाकर मार डाला। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने मोबाइल फोन को फ्लाइट मोड पर डालकर छिपा दिया।

कैसे पकड़ में आया आरोपी? जानिए पूरा मामला 6 बिंदुओं में

सरकारी वकील एचएस काहलों के अनुसार, 31 मार्च 2022 की रात करीब 8 बजे कुराली के रोपड़ रोड पर रहने वाला सोनू अपने घर से निकला था। वह वापस नहीं लौटा। उसकी मां माया ने 2 अप्रैल को कुराली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में पता चला कि सोनू को आखिरी बार राहुल कुमार के साथ देखा गया था। पुलिस ने 8 अप्रैल 2022 को गुप्त सूचना के आधार पर राहुल को निहोलका गांव से गिरफ्तार किया। पूछताछ में राहुल ने कबूल किया कि उसने सोनू को शराब पिलाई, उसके साथ कुकर्म किया और फिर उसे मार डाला।

**पहला बिंदु:** राहुल का सोनू के साथ पैसों को लेकर विवाद था। उसने सोनू को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने अपने मालिक बलजीत सिंह से ₹2000 और मोटरसाइकिल ली। सोनू को वह एक रिश्तेदार की मौत पर शोक जताने के बहाने अपने साथ ले गया। रास्ते में आरोपी ने सोनू का फोन बंद कर दिया। अपना मोबाइल उसने ईंटों के ढेर में छिपा दिया। ऐसा करने का मकसद पुलिस को टावर लोकेशन से बचाना था।

**दूसरा बिंदु:** इसके बाद राहुल सोनू को गांव चिंटगढ़ में एक ट्यूबवेल के मोटर रूम पर ले गया। वहां उसने सोनू को बहुत ज्यादा शराब पिलाई। जब सोनू नशे में बेहोश हो गया, तो राहुल ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। रात करीब 2 बजे उसने सोनू का मुंह और सांसें दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने सोनू के मुंह से निकले खून को साफ करने की भी कोशिश की।

**तीसरा बिंदु:** अगले दिन, यानी 1 अप्रैल 2022 की रात करीब 10 बजे आरोपी ने सोनू के शव को दो खाद की बोरियों में डाला। उसने रस्सी की मदद से बोरियों को अपनी साइकिल के कैरियर पर बांधा। फिर वह चिंटगढ़ गांव के श्मशान घाट में ले जाकर पराली के नीचे छिपा दिया।

**चौथा बिंदु:** 4 अप्रैल 2022 को चिंटगढ़ श्मशान घाट के पास सीवरेज का पानी निकालने गए ग्रामीणों को पराली के नीचे से भयंकर बदबू आई। जब पुलिस ने जांच की तो वहां एक अज्ञात युवक की सड़ी-गली लाश मिली। शव को पहचान के लिए रूपनगर के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। बाद में सोनू के भाई और परिजनों ने उसकी शिनाख्त की।

**पांचवा बिंदु:** अदालत में बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। यह पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। लेकिन माननीय जज अतुल कसाना ने अभियोजन पक्ष के सबूतों को मजबूत माना। गवाहों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से साबित हुआ कि सोनू आखिरी बार राहुल के साथ था। राहुल यह नहीं बता सका कि वह सोनू से कब और कहां अलग हुआ। आरोपी की निशानदेही पर ही मोटर रूम से सोनू का मोबाइल, चप्पलें, साइकिल और रस्सी बरामद हुई। आरोपी के कपड़ों और मोटर रूम के फर्श से मिले खून के धब्बे मृतक के खून से मेल खा गए। एक मजदूर तुलसी राम ने गवाही दी कि उसने राहुल को साइकिल पर भारी बोरी ले जाते देखा था।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी और उम्रकैद की सजा

अदालत ने अपने 83 पन्नों के फैसले में कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने परिस्थितियों की कड़ी को इतनी मजबूती से जोड़ा है कि इसमें कोई भी हिस्सा गायब नहीं है। सारे सबूत आरोपी राहुल कुमार के गुनाह को साबित कर रहे हैं। इस आधार पर कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी कितने मजबूत हो सकते हैं। अक्सर लोग मोबाइल फोन के जरिए [अपराधों को अंजाम देने](https://hindi.news18.com) की कोशिश करते हैं, लेकिन तकनीक ही उन्हें पकड़ने में मददगार साबित होती है।
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