जयपुर, 12 सितंबर । नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद कांग्रेस ने जयपुर में बोर्ड गठन की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। ईवीएम में प्रत्याशियों का भविष्य बंद होने के साथ ही पार्टी ने संभावित विजयी पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी जयपुर में संभावित बाड़ाबंदी की तैयारी शुरू कर दी है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के आवास पर शनिवार को हुई रणनीतिक बैठक में पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शहर कांग्रेस प्रभारी रोहित बोहरा, विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, अर्चना शर्मा, गंगा देवी, पुष्पेंद्र भारद्वाज और विक्रम सिंह शेखावत सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में प्रत्याशियों को एकजुट रखने और चुनाव परिणाम के बाद संभावित राजनीतिक सेंधमारी रोकने पर चर्चा हुई। बाड़ाबंदी का अंतिम निर्णय शनिवार रात या रविवार सुबह तक होने की संभावना है।
पार्टी निर्देश जारी होने के बाद विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के प्रत्याशियों को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। जरूरत पड़ने पर संभावित विजयी प्रत्याशियों को जयपुर से बाहर भी ले जाने की तैयारी है।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षदों को प्रभावित करने के लिए सत्ता, पुलिस और धनबल का इस्तेमाल कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की सुरक्षा के लिए बाड़ाबंदी करेगी। उन्होंने दावा किया कि जयपुर में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से बोर्ड बनाएगी। खाचरियावास ने कहा कि बेरोजगारी, युवाओं के मुद्दे, सड़क और विकास कार्य चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे हैं।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि जयपुर नगर निगम के सभी 150 कांग्रेस प्रत्याशी पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पक्ष में माहौल है और पार्टी पूर्ण बहुमत की स्थिति में है। उन्होंने बताया कि सभी विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के प्रत्याशियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक रफीक खान ने दावा किया कि जयपुर में कांग्रेस पहले, निर्दलीय दूसरे और भाजपा तीसरे स्थान पर रहेगी। उन्होंने कहा कि महापौर का चुनाव परिणाम के करीब एक सप्ताह बाद होना है, इसलिए संभावित विजयी पार्षदों को एकजुट रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी प्रत्याशियों और संभावित पार्षदों से बातचीत के बाद बाड़ाबंदी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सुनील शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के बागी यदि पार्टी की विचारधारा से जुड़े हैं और वापस आना चाहते हैं तो उनके लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं।