किसानों का हल्लाबोल: लाडोवाल टोल फ्री, जानिए कैसे?

पंजाब में किसानों का बड़ा विरोध: मांगों को लेकर मोर्चा खोला

पंजाब में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को किसानों ने राज्यभर के सभी टोल प्लाजा को फ्री करवा दिया। इसमें लुधियाना का लाडोवाल टोल प्लाजा भी शामिल है। यह पंजाब का सबसे महंगा टोल प्लाजा माना जाता है। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उपजाऊ जमीन कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की साजिश कर रही है।

लैंड पूलिंग नीति के खिलाफ किसानों का आंदोलन

किसानों का यह विरोध मुख्य रूप से ‘लैंड पूलिंग नीति’ के खिलाफ है। इसके अलावा, जमीन गिरवी रखने और लैंड मॉर्गेज बैंक से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में भी न्याय की मांग की जा रही है। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता कृषि क्षेत्र के लिए खतरनाक है। यह समझौता स्थानीय किसानों के हितों के खिलाफ हो सकता है। इन मुद्दों को लेकर पंजाब के विभिन्न टोल प्लाजा पर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा का ऐलान और लाडोवाल टोल पर भीड़

गैर-राजनीतिक [संयुक्त किसान मोर्चा](https://www.example.com) के राष्ट्रीय संयोजक जगजीत सिंह डल्लेवाल ने ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि 14 जुलाई को पंजाब के सभी टोल प्लाजा टोल फ्री किए जाएंगे। डल्लेवाल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की उपजाऊ कृषि भूमि कॉर्पोरेट घरानों को सौंपी जा रही है। लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर भारी भीड़ जुटी है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों से टोल टैक्स नहीं लिया जा रहा है।

आम जनता को मिली राहत, आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा

किसान नेताओं ने कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। शाम 4 बजे तक किसी भी टोल कंपनी को टैक्स वसूलने नहीं दिया जाएगा। इस प्रदर्शन से आम जनता को राहत मिली है। किसानों ने इसे अपनी जमीन और अस्तित्व बचाने की निर्णायक लड़ाई बताया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि लैंड पूलिंग नीति को तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही, किसानों के साथ हुए धोखाधड़ी के मामलों की जांच होनी चाहिए।
Related: पंजाब में अफीम ठेकों पर बवाल: किसानों की मांग