गेहूं में सल्फास, AC से फैली जहरीली गैस, 2 बच्चों की मौत

फतेहगढ़ साहिब में दर्दनाक हादसा, AC से फैली जहरीली गैस ने ली 2 बच्चों की जान

पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव खनियान में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। घर में रखे गेहूं को कीड़ों से बचाने के लिए सल्फास की गोलियां डाली गई थीं। इन गोलियों से निकली जहरीली गैस के कारण एक ही परिवार के 2 मासूम बच्चों की मौत हो गई। दो बच्चियां और एक महिला गंभीर रूप से बीमार हैं। उन्हें चंडीगढ़ रेफर किया गया है। यह घटना 20 जुलाई की रात को हुई थी।

बेडरूम में AC ने स्टोर रूम से खींची जहरीली गैस

गांव खनियान में दो सगे भाई अपने परिवारों के साथ एक ही मकान में रहते हैं। कुछ दिन पहले परिवार ने स्टोर रूम में रखे अनाज में सल्फास की गोलियां रखी थीं। स्टोर रूम का एक दरवाजा सीधे बेडरूम में खुलता था। जांच में पता चला कि बेडरूम में चल रहे AC के कारण स्टोर रूम से जहरीली गैस खिंचकर कमरे में फैल गई। AC ने बंद दरवाजे के गैप से गैस को कमरे के अंदर खींच लिया। कमरा पूरी तरह बंद होने से गैस बाहर नहीं निकल सकी।

फॉस्फिन गैस से सांस लेने में हुई दिक्कत

प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाली वजह सामने आई है। सल्फास की गोलियों से लगातार ‘फॉस्फिन’ नामक जहरीली गैस बन रही थी। यह गैस बेहद खतरनाक होती है। सो रहे परिवार के सदस्यों ने सांस के जरिए यह गैस अपने अंदर ले ली। इससे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल टीम ने मौका मुआयना किया है।

13 दिन की बच्ची और 4 साल के बच्चे की मौत

जानकारी के अनुसार, सबसे पहले 13 दिन की मासूम हरसीरत कौर की हालत बिगड़ी। कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद 4 साल के मनराज सिंह को लगातार उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। हादसे में 13 साल और 8 साल की दो बच्चियां तथा एक महिला गंभीर रूप से प्रभावित हैं। उन्हें चंडीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सल्फास गोलियों का खतरा, विशेषज्ञों की सलाह

यह हादसा एल्युमिनियम फॉस्फाइड के खतरों को दर्शाता है। इसका उपयोग अनाज सुरक्षा के लिए किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन गोलियों का उपयोग बेहद सावधानी से करना चाहिए। कमरे को अच्छी तरह हवादार रखना जरूरी है। AC या कूलर का उपयोग नहीं करना चाहिए। इस स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह के अनुसार, फॉस्फिन गैस रंगहीन और गंधहीन होती है। यह बेहद जहरीली है और सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
Related: फतेहगढ़ साहिब: पंचायत भूमि विवाद, ग्रामीणों ने अफसरों को रोका, पढ़ें