अकाल तख्त के जत्थेदार का पंजाब सरकार को सख्त संदेश
मीरी-पीरी खालसा मार्च के दौरान अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने पंजाब सरकार को धर्म और सामाजिक मुद्दों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को धार्मिक मामलों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और मर्यादा का सम्मान करना बेहद जरूरी है। यह संदेश उन्होंने आम आदमी पार्टी के विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने को कहा। इस दौरान विधायक हाथ जोड़कर खड़े रहे और जत्थेदार की बातों को ध्यान से सुनते रहे।
विधायक से मुलाकात के दौरान हुई खास बातचीत
मार्च के दौरान गुरुवार को विधायक गुरदित्त सिंह सेखों अपने काफिले के साथ वहां से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज पर पड़ी। विधायक तुरंत वाहन से उतरे और हाथ जोड़कर सम्मानपूर्वक खड़े हो गए। जत्थेदार ने उनसे कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने जिन आपत्तियों पर ऐतराज जताया है, उन्हें सरकार तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पहले भी कस्टोडियन से जुड़ी दोनों धाराओं को हटाने की बात कही जा चुकी है। सरकार को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कम करना चाहिए और इन प्रावधानों को हटाने पर विचार करना चाहिए। विधायक ने इसका जवाब ‘हां जी’ कहकर दिया।
पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या पर गहरी चिंता
जत्थेदार ने पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशा राज्य के युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है। एक माता ने उन्हें अपने बच्चे को लेकर अपनी चिंता बताई है। उन्होंने सरकार से नशे के खिलाफ सख्त और प्रभावी कदम उठाने की अपील की। केवल बयानबाजी से समस्या हल नहीं होगी। युवा प्रदेश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। नशे के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक सख्त करने की आवश्यकता है।
धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर विशेष जोर
जत्थेदार ने कहा कि सरकार को धर्म से जुड़े मामलों में अनावश्यक दखल नहीं देना चाहिए। धार्मिक संस्थाओं की मर्यादा और स्वतंत्रता का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने विधायक से कहा कि वे सिख समुदाय का हिस्सा होने के नाते यह संदेश सरकार तक पहुंचाएं। यह एक गंभीर मुद्दा है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। पंजाब की धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए यह आवश्यक है।
यह पूरी बातचीत मीरी-पीरी खालसा मार्च के दौरान हुई, जो सिख परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मार्च का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। सिख समुदाय के लोग इसे बड़ी श्रद्धा के साथ याद करते हैं। पंजाब सरकार के लिए जत्थेदार का यह संदेश कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर सरकार का रुख क्या होगा, यह आने वाले दिनों में देखना होगा। VIDEO में यह सारी बातचीत स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए BBC Hindi पर विजिट करें।