एमटीएस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक व नकल कराने के आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत नहीं

जयपुर, 03 अगस्त । राजस्थान हाईकोर्ट ने सेंट्रल कौंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंस की मल्टी टास्किंग स्टाफ भर्ती के पेपर लीक व नकल कराने के चार आरोपियों को जमानत देने से मना करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराध न केवल योग्य उम्मीदवारों के हितों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पारदर्शी और योग्यता-आधारित चयन प्रक्रिया की नींव पर भी चोट करते हैं। जिससे सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन में जनता का भरोसा कम होता है। जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर ने यह आदेश आरोपी सूरज सिंह व अन्य की जमानत याचिकाओं पर दिया। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के लिखित आधार उपलब्ध नहीं कराए जाने मात्र से आरोपी स्वत: ही जमानत के हकदार नहीं हो जाते।

जमानत याचिकाओं में कहा गया था कि मामले की जांच पूरी होकर चार्जशीट पेश हो चुकी है। गिरफ्तारी के दौरान संवैधानिक और वैधानिक प्रावधानों का पालन भी नहीं किया है। ऐसे में उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। जिसके विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि आरोपियों को गिरफ्तारी के कारण बताए थे और उनके परिजनों को भी तत्काल सूचना दी गई थी। यह मामला सार्वजनिक भर्ती परीक्षा की पवित्रता से जुड़ा गंभीर अपराध है। इसलिए आरोपियों को जमानत नहीं दी जाए। आरोपियों के खिलाफ कोटा के आरकेपुरम थाने में साल 2025 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें कहा था कि आरोपियों ने अभ्यर्थियों को हल किए उत्तर व अन्य नकल सामग्री मुहैया कराकर भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित किया है।