झांसी, 05 अगस्त । उत्तर प्रदेश के झांसी में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में ललित कला संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फाइन आर्ट फेयर 2026 का गुरुवार को गरिमामय वातावरण में समापन हो गया। कला, संस्कृति और रचनात्मक उद्यमिता को समर्पित इस आयोजन ने तीन दिनों तक विश्वविद्यालय परिसर को कला दीर्घा का रूप दे दिया, जहां विद्यार्थियों, शोधार्थियों, कलाकारों और कला प्रेमियों ने कलाकृतियों का अवलोकन करने के साथ कला के सामाजिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
समापन समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने की, जबकि उप कुलसचिव (वित्त) सुनील कुमार सेन मुख्य अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधि संकाय के समन्वयक डॉ. प्रशांत मिश्रा एवं पत्रकारिता विभाग के समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी उपस्थित रहे। आयोजन का संचालन संयोजक डॉ. श्वेता पाण्डेय, सह संयोजक डॉ. अजय कुमार गुप्ता और गजेन्द्र सिंह ने किया।
अपने संबोधन में राजबहादुर ने कहा कि विश्वविद्यालय का दायित्व केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना भी उतना ही आवश्यक है। वहीं, सुनील कुमार सेन ने कहा कि कला समाज की सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजन कलाकारों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते हैं।
फाइन आर्ट फेयर में 40 से अधिक प्रतिभागियों ने चित्रकला, मूर्तिकला, रेजिन आर्ट, क्ले आर्ट, कैंडल, क्रोशिया वर्क, ग्राफिक कला, प्रिंटमेकिंग तथा हस्तनिर्मित कलाकृतियों के स्टॉल लगाए। चारू खन्ना, सीता परिहार, दीपिका राजपूत, प्रिया यादव, सलोनी साहू सहित कई युवा कलाकारों की कृतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। आयोजन के दौरान कलाकारों को अपनी कला के प्रदर्शन के साथ व्यावसायिक संभावनाओं को समझने का भी अवसर मिला।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों, स्टॉल धारकों और स्वयंसेवकों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन बुन्देलखण्ड की कला परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।