चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के जिला आवंटन में महिला अभ्यर्थी को राहत

जयपुर, 20 अगस्त । राजस्थान हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में अधिक अंक लाने वाली याचिकाकर्ता ओबीसी महिला अभ्यर्थी को जिला आवंटन में बड़ी राहत दी है। अदालत ने राज्य सरकार को कहा कि पूनम शर्मा के मामले में हाईकोर्ट तय कर चुका है कि ऐसे मामले में मेरिट के आधार पर जिला आवंटन होना चाहिए। अदालत ने कहा कि इस निर्णय के आधार पर याचिकाकर्ता की ओर से पेश अभ्यावेदन को तय किया जाए। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश सुरीला व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में ओबीसी महिला वर्ग से अधिक अंक आए हैं। इस पर राजस्व विभाग ने उसे सामान्य महिला मानते हुए पाली जिला आवंटित कर दिया। वहीं दूसरी ओर उससे कम अंक लाने वाली ओबीसी महिला को नागौर जिला आवंटित किया गया है। याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट पूनम शर्मा के मामले में तय कर चुका है कि ओबीसी महिला यदि अधिक अंक लेकर सामान्य वर्ग की सीट पर आती है तो उसे ओबीसी के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। ऐसे में जब याचिकाकर्ता से कम अंक लाने वाली ओबीसी महिला को उसका गृह जिला आवंटित हुआ है तो याचिकाकर्ता को भी उसके गृह जिले में ही नियुक्ति मिलनी चाहिए। याचिका में कहा गया कि कम वेतन में दूरस्थ स्थान पर पदस्थापित होने से याचिकाकर्ता को परेशानी का सामना करना पडेगा। ऐसे में पूनम शर्मा के आदेश को उस पर लागू करते हुए उसे गृह जिले में नियुक्ति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार को कहा है कि वह याचिकाकर्ता का अभ्यावेदन पूनम शर्मा के मामले में दिए निर्णय के आधार पर तय करे।