को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं
की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही अवसर और बेहतर माहौल देने की है। सांगवान ने कहा कि खेल और शिक्षा दोनों युवाओं के सर्वांगीण
विकास के लिए जरूरी हैं। खेल से अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और संघर्ष करने की
क्षमता बढ़ती है। युवाओं को पढ़ाई के साथ खेलों में भी भाग लेना चाहिए। गांवों में
खेल सुविधाएं बढ़ाने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने से युवा नशे जैसी
बुराइयों से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नायब सरकार बिना पर्ची-खर्ची के
योग्यता के आधार पर नौकरियां दे रही है। इससे गरीब और सामान्य परिवारों के युवाओं को
भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। इस मौके पर डॉ. राममेहर राठी, बलजीत मलिक, सरपंच
इंद्रपाल, प्रदीप मलिक, सरपंच कुलदीप सिंह, राजबीर मलिक, भूपेंद्र सिंह और कृष्ण मलिक