मोगा में AAP विधायक पर गंभीर आरोप
पंजाब के मोगा से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा पर सरकारी जमीनों के रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति हासिल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीनें विधायक के रिश्तेदारों के नाम की गईं। यह मामला राजस्व रिकॉर्ड में बड़ी हेराफेरी को उजागर करता है।
5 जमीनों के फर्जी ट्रांसफर का खुलासा
ED की जांच में केंद्र और पंजाब सरकार की जमीनें शामिल हैं। इनमें नगर निगम और एक धार्मिक संस्था की जमीन भी है। कुल 5 जमीनों का फर्जी ट्रांसफर पकड़ा गया है। एजेंसी का दावा है कि इन संपत्तियों को अपराध से अर्जित आय से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की भूमिका अहम है। जांच अभी जारी है और कई तार जुड़ सकते हैं।
1.65 करोड़ मुआवजे पर भी सवाल
मामला मोगा के गांव अधरमान की सरकारी जमीन से भी जुड़ा है। आरोप है कि नेशनल हाईवे 754-A के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले 1 करोड़ 65 हजार 724 रुपये का मुआवजा गलत तरीके से लिया गया। यह रकम दिलकुश कुमारी के बैंक खाते में जमा हुई थी। बाद में बैंक ने यह खाता फ्रीज कर दिया। ED का आरोप है कि विधायक और उनके पति की इस रकम को भेजने में भूमिका रही।
36 घंटे तक चली ED की रेड
ED ने 4 नवंबर को विधायक के 7 ठिकानों पर रेड की थी। यह कार्रवाई 36 घंटों तक चली। इनमें विधायक से जुड़ा अस्पताल और नशा मुक्ति केंद्र भी शामिल था। तलाशी में कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए। ED के मुताबिक, बरामद सामग्री से बेनामी संपत्तियों के संकेत मिले हैं। रेड खत्म होने के बाद समर्थकों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।
जांच की शुरुआत और कार्रवाई
ED ने यह जांच मोगा के धर्मकोट थाने में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। इसमें पटवारी नवदीप सिंह और दिलकुश कुमारी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पंजाब पुलिस पटवारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच में एक रिहायशी संपत्ति की खरीद में कैश पेमेंट का भी संदेह है। ED इस लेन-देन के दस्तावेजों की जांच कर रहा है। इस तरह के मामलों में पंजाब पुलिस और ED की संयुक्त भूमिका अहम मानी जा रही है।
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