उदयपुर में धनतेरस पर बाजारों में रौनक: 400 से ज्यादा कारें और 5 हजार से अधिक टू-व्हीलर बिकने का अनुमान

उदयपुर, 06 नवंबर । उदयपुर। धनतेरस के अवसर पर उदयपुर में शुक्रवार को सुबह से ही बाजारों और शोरूम में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। ऑटोमोबाइल, सर्राफा और बर्तन बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। इस बार धनतेरस पर शहर में 400 से ज्यादा कारें और 5 हजार से अधिक दोपहिया वाहन बिकने का अनुमान है। वाहन कारोबारियों को त्योहारी सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद है।

शहर के कार और दोपहिया शोरूम पर सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई। नई गाड़ी खरीदने के बाद बड़ी संख्या में लोग उसे लेकर बोहरा गणेशजी मंदिर पहुंचे। यहां वाहनों की पूजा करवाने के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। कई परिवार नई कार के साथ शोरूम के बाहर फोटो खिंचवाते भी नजर आए।

धनतेरस पर सर्राफा बाजार में भी अच्छी भीड़ रही। सोने के भाव में गिरावट का असर खरीदारी पर दिखाई दिया। ग्राहक हल्के वजन की ज्वेलरी को अधिक पसंद कर रहे हैं। बाजार में 18 कैरेट ज्वेलरी की मांग बढ़ी है। इसके साथ ही लाइटवेट गोल्ड ज्वेलरी और चांदी की पायजेब भी ग्राहकों की पसंद बनी हुई है।

लोगों का कहना है कि सोने-चांदी के भाव में कमी आने से इस बार ज्वेलरी खरीदने का उत्साह बढ़ा है।

आरएमवी रोड और अस्थल मंदिर रोड स्थित बर्तन बाजार में भी सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। लोगों ने स्टील के साथ तांबे के बर्तन और छोटे बर्तनों की जमकर खरीदारी की। बाजार में रात करीब 12 बजे तक खरीदारी जारी रहने की उम्मीद है।

भटियाणी चौहट्टा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में अलसुबह विशेष श्रृंगार किया गया। सुबह करीब 5 बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। माता के दर्शन के लिए मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में दर्शन को लेकर उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने कमल के फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।

दीपोत्सव के चलते उदयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों, चौराहों और बाजारों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। शहर की सरकारी इमारतों पर भी लाइटिंग की गई है। शाम होते ही शहर की सड़कों और प्रमुख बाजारों में दीपावली की रौनक और बढ़ गई।

त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। शहर के कई इलाकों में 10 दिनों तक वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में बड़े वाहनों की एंट्री पर भी रोक लगाई गई है। धनतेरस पर देहलीगेट चौराहे सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव देखने को मिला और जाम की स्थिति बनी।