रोहड़ू में रेणुका का स्वागत परिजनों, स्थानीय प्रशासन और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने किया। स्वागत समारोह के दौरान लोग अपनी बेटी को विश्व विजेता के रूप में देखकर गर्व से झूम उठे। गांव की गलियों में उत्सव जैसा माहौल रहा।
शिमला पहुंचने के बाद रेणुका ठाकुर सबसे पहले अपनी कुलदेवी हाटेश्वरी माता मंदिर पहुंचीं। उन्होंने माता के चरणों में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि यह जीत माता के आशीर्वाद और देशवासियों की दुआओं का परिणाम है।
विश्व कप के अपने अनुभव साझा करते हुए रेणुका ने बताया कि इतनी बड़ी चैंपियनशिप में दबाव तो रहता है, लेकिन टीम ने एकजुट होकर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने एक-दूसरे पर भरोसा रखा और इसी आत्मविश्वास ने भारत को जीत दिलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई अपनी मुलाकात को याद करते हुए रेणुका ने कहा कि यह उनके जीवन का यादगार पल था। प्रधानमंत्री ने न केवल उन्हें बल्कि उनकी मां के संघर्ष और मेहनत का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण था कि देश के प्रधानमंत्री मेरी और मेरी मां के जीवन संघर्ष को जानते हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें दी गई पुरस्कार राशि और सरकारी नौकरी के प्रस्ताव पर रेणुका ने कहा कि हर राज्य अपने खिलाड़ियों को सम्मान दे रहा है और उन्हें खुशी है कि हिमाचल सरकार ने भी खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने वाला यह कदम उठाया है।
रेणुका ठाकुर ने कहा कि वह आने वाले समय में हिमाचल के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करना चाहेंगी ताकि राज्य के और भी खिलाड़ी देश और दुनिया में नाम रोशन करें।