लुधियाना के छोटे और मध्यम कारोबारों के सामने वित्तीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे पर शहर की एक प्रमुख संस्था, लुधियाना कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन (LCDDA), ने एक अहम बैठक आयोजित की, जिसमें संगठन के अध्यक्ष हरकेश मित्तल ने GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) व्यवस्था के कारण छोटे व्यापारियों को उठानी पड़ने वाली वित्तीय परेशानियों पर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि शहर में कई ऐसे कारोबारी हैं जिनका turnover बहुत कम है, फिर भी GST पंजीकरण अनिवार्य हो चुका है। पंजीकरण के बाद उन्हें अकाउंटेंट और टैक्स कंसल्टेंट जैसे शुल्क भी चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी बचत घटती है और वित्तीय बोझ बढ़ जाता है। अभी के नियमों के अनुसार 40 लाख रुपए सालाना सेल पर 5% GST लागू है, जो छोटे दुकानदारों के लिए अनावश्यक दबाव बन रहा है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार को एक लिखित मांग-पत्र भेजकर GST छूट सीमा को 40 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक किए जाने की मांग की जाएगी। ताकि छोटे दुकानदारों को वास्तविक राहत मिल सके और वे बिना अतिरिक्त खर्च और मानसिक दबाव के अपना कारोबार सुचारु रूप से चला सकें। मित्तल ने स्पष्ट किया कि मौजूदा सीमा काफी कम है और मौजूदा कारोबारी माहौल में यह सीमा छोटे कारोबार की आर्थिक स्थिति को कमजोर बना रही है। वित्त मंत्री से इस मांग पर समर्थन मांगते हुए उन्होंने कहा कि यदि GST सीमा बढ़ाई जाती है, तो न सिर्फ छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि वे अपने कारोबार को निर्बाध तरीके से संचालित कर सकेंगे।
बैठक के दौरान मंच पर मौजूद सभी व्यापारिक नेता इस मांग के समर्थन में सामने आए। अमन डंग, सुशील खुराना, गिरीश गुप्ता, भूषपिंदर होरा और राजत जलोटा ने भी इस पहल का समর্থन किया, और कहा कि छोटे दुकानदारों के लिए सीमा बढ़ना चाहिए ताकि वे GST के अनुपालन के बोझ से कुछ हद तक मुक्त हो सकें। साथ ही उन्होंने यह भी जोर दिया कि कागजी काम, रिटर्न फाइलिंग और अकाउंटेंट फीस जैसी औपचारिकताएं उनकी आय का बड़ा हिस्सा खाती हैं, जिससे नकदी प्रवाह प्रभावित होता है और व्यापार की लाभ-हानि स्थिति कमजोर पड़ती है।
संस्था के नेताओं ने केंद्र सरकार से उम्मीद जताई कि इस मुद्दे पर जल्द साझी नीति बनेगी ताकि छोटे दुकानदारों को वास्तविक राहत मिल सके। अगर GST सीमा बढ़ती है, तो कई छोटे व्यापारी जीएसटी अनुपालन के भार से मुक्त हो सकेंगे और वे बिना अतिरिक्त लागत के अपने कारोबार को स्थिरता के साथ चला पाएंगे। readers अगर इस विषय पर अधिक जानकारी चाहते हैं, तो आधिकारिक GST पोर्टल और अन्य सरकारी संसाधनों को देखने की सलाह देंगे—जहां से आप GST रिटर्न, पंजीकरण और राहत सीमा जैसी प्रमुख जानकारियाँ प्राप्त कर सकेंगे।
आधिकारिक जानकारी के लिए देखें: GST Portal और PIB Press Information Bureau. GST छूट सीमा, small business GST burden, Ludhiana MSME support, 1.40 करोड़ GST threshold, 40 लाख GST limit जैसी कीवर्ड्स से जुड़े अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें.