पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम में ठंड बढ़ने के संकेत साफ दिख रहे हैं। अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे लगभग 2–3 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे रात की ठंड भी बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर हल्का कोहरा छाने की संभावना बनी रहेगी, खासकर सुबह के समय दृश्यता थोड़ी प्रभावित हो सकती है। इस दौरान 7 दिन के पूर्वानुमान में बारिश की संभावना नहीं बताई गई है और सामान्य मौसम की स्थिति ही बनी रहने की उम्मीद है। 24 घंटे में राज्य के औसत अधिकतम तापमान में लगभग 1.1°C की कमी देखी गई है, जिससे तापमान सामान्य के करीब आ गया है। सबसे अधिक तापमान 27.9°C बठिंडा में दर्ज किया गया है, जबकि बाकी हिस्सों में днев तापमान 25–27°C के बीच रहने की संभावना है। आने वाले सप्ताह में इसी प्रकार का मौसमी पैटर्न अपेक्षित है, जिससे किसानों और आम जनता के लिए की गई कृषि-निर्णयों में सावधानी बरती जा सके।
27 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं बताई जा रही है। राज्य के उत्तरी और पूर्वी जिलों में अधिकतम तापमान 22–24°C के बीच रहने की संभावना बनती है, जबकि शेष जिलों में यह 24–26°C के दायरे में रहेगा। दिन के तापमान अधिकांशतः सामान्य लय में बने रहेंगे या हल्का-सा नीचे रह सकता है। रात के तापमान का फलक भी छोटे शहरों के हिसाब से 4–6°C तक गिर सकता है, जबकि कुछ जिलों में यह 6–8°C के बीच रहेगा। इस बीच ज़मीनी स्तर पर अधिकतर जगहों पर तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है, और कुछ मध्य व पूर्वी इलाकों में यह लगभग सामान्य रहने की संभावना है। दिल्ली-आम्रतसर हाईवे जैसे मार्गों पर आकाश साफ रहने की उम्मीद है, जिससे यातायात और मार्ग-स्थिति में सरलता बनी रहेगी।
वायु गुणवत्ता के लिहाज से पंजाब-चंडीगढ़ क्षेत्र में प्रदूषण स्तर बना रहने की खबर है, क्योंकि पराली जलाने के कारण हवा में सूक्ष्म कणों की मात्रा बढ़ने से AQI में उछाल आ रहा है। Chandigarh के कुछ सेक्टरों में सुबह के समय AQI सूचकांक हालिया आंकड़ों के अनुसार उच्च रहा है, जिससे लोगों को चेहरे के मास्क आदि के उपयोग की सलाह दी जा रही है। चंडीगढ़ सेक्टर-22 में सुबह 7 बजे AQI 174 रहा, सेक्टर-25 में 163 और सेक्टर-53 में 157 दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर में AQI 190 तक पहुंच गया, जालंधर 126, खन्ना 124, लुधियाना 147, मणिडी गोबिंदगढ़ 186 और पटियाला 162 जैसे स्तर देखे गए। बठिंडा और रूपनगर के लिए एकीकृत रिकॉर्ड अभी उपलब्ध नहीं बताए गए हैं। पराली जलाने से पैदा होने वाले प्रदूषण का यह प्रभाव पंजाब-चंडीगढ़ की हवा पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जिससे सुबह-शाम की वायु गुणवत्ता पर नियंत्रण रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और नागरिक कदम उठाते रहेंगे।
इन मौसमी संकेतों के अनुसार लोगों को ठंड के मौसम में गर्म कपड़ों के साथ-साथ हल्की फिजिकल गतिविधियाँ, सही hydration और घर-गृहस्थी में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देनी चाहिए। किसानों के लिए सुझाव है कि तापमान के गिरने के अंदेशे के अनुसार रात में सिंचाई की समय-सारिणी और फसल-चक्र की प्लानिंग को अपडेट रखें, ताकि ठंड से फसलों को नुकसान कम हो। साथ ही, शहर-शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पराली जलाने के खिलाफ स्थानीय कानूनों और CPCB के दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम, हवा और तापमान से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक स्रोतों को देखें: IMD मौसम पूर्वानुमान और CPCB एयर क्वालिटी अपडेट.