अबोहर: ASI ने ₹500 में खरीदा नशा, वीडियो वायरल, सस्पेंड

पंजाब पुलिस कर्मचारी नशा तस्करी में निलंबित

पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अबोहर में पंजाब पुलिस का एक कर्मचारी नशा तस्करी करते हुए कैमरे में कैद हो गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया। यह वीडियो अबोहर के सीडफार्म रोड की बताई जा रही है। यह इलाका नशे का गढ़ माना जाता है।

वीडियो में 112 नंबर की पुलिस गाड़ी में बैठा एक कर्मचारी दो बाइक सवार युवकों से कोई संदिग्ध वस्तु पकड़ते हुए दिख रहा है। यह वस्तु नशीला पदार्थ है। किसान यूनियन के नेताओं ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की है। अबोहर के विधायक ने भी इस मामले पर पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और डीजीपी को ट्वीट किया है।

रात के अंधेरे में नशे का कारोबार

वीडियो में दिख रहा है कि 112 पंजाब पुलिस की नई गाड़ी सीडफार्म रोड पर रुकती है। तभी बाइक सवार दो युवक वहां आते हैं। गाड़ी में बैठे कर्मचारी ने उनसे संदिग्ध वस्तु पकड़ी। यह घटना रात के समय की बताई जा रही है। लोगों को लगता है कि पुलिस वाला खुद नशा खरीद रहा था।

अबोहर के विधायक संदीप जाखड़ ने सीएम और डीजीपी को ट्वीट किया। उन्होंने कहा, “लोगों की निगरानी करने वालों की निगरानी कौन करेगा? जो लोग खुद नशे का कारोबार फैला रहे हैं, वह नशे को कैसे रोकेंगे?” सीडफार्म रोड पर सरेआम नशे के कारोबार की शिकायतें आती रहती हैं। विधायक को उम्मीद है कि पुलिस इस मुद्दे पर जरूर कार्रवाई करेगी।

पुलिस अधिकारियों की जांच में खुलासा

मामले में एसपी आशवंत सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट करीब 4-5 दिन पुरानी है। जांच में पता चला कि अबोहर सिटी वन में एएसआई बलविंदर सिंह तैनात था। वह फाजिल्का 112 हेल्पलाइन नंबर 408 में काम करता था। उसने अपने साथी जश्न को फोन कर बुलाया। उसने युवक से 500 रुपए में नशीली वस्तु खरीदी।

पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद उसे तुरंत सस्पेंड कर दिया है। एक युवक जश्न की पहचान हो गई है। दूसरे युवक का पता लगाया जा रहा है। एसपी ने कहा कि पंजाब सरकार युद्ध नशों के विरुद्ध अभियान चला रही है। जो भी नशा तस्करी में शामिल होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

नशा मुक्त पंजाब के लिए सख्त कार्रवाई

पंजाब सरकार नशे के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। पुलिस कर्मचारी के निलंबन से साफ संदेश गया है। अब कोई भी पुलिसकर्मी नशा तस्करी में शामिल नहीं हो सकता। एसपी ने कहा कि पुलिस विभाग में भी नशे के खिलाफ अभियान जारी है। हर कर्मचारी की जांच की जाएगी। यह मामला नशा तस्करी में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाता है। लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करके विश्वास जगाया है।
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