जींद, 29 अक्टूबर । सफीदों अनाज मंडी में पीआर धान की सरकारी खरीद और उठान में देरी से परेशान किसानों ने गुरूवार को मंडी के मुख्य गेट पर ताला जड़कर रोष जताया। किसानों की तालाबंदी से मंडी में हलचल मच गई। किसानों ने सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि खरीद एजेंसियों और मिलरों की कार्यप्रणाली के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मामले की सूचना मिलने पर एसडीएम पुलकित मल्होत्रा मंडी पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी।
किसानों का आरोप था कि सफीदों मंडी में सरकारी धान खरीद की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। खरीद एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की कमी और कथित मिलीभगत के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी धान की खरीद के दौरान प्रति क्विंटल 200 से 300 रुपये तक कटौती की जा रही हैए जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं जो धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी गई है, उसका समय पर उठान नहीं किया जा रहा।
किसानों ने बताया कि मंडी में करीब 20 दिन पहले एमएसपी पर खरीदी गई धान अब तक उठाई नहीं गई है। इसके चलते मंडी परिसर में धान के ढेर लगे हुए हैं और किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी हो रही है। किसानों का कहना था कि जब तक खरीदी गई धान का उठान नहीं होगा, तब तक भुगतान की प्रक्रिया भी प्रभावित रहेगी। इससे उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और अगली फसल की तैयारी सहित अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि जिस धान की खरीद में कटौती की जा रही है, उसका उठान साथ-साथ किया जा रहा है। जबकि एमएसपी पर खरीदी गई धान मंडी में पड़ी है।
मंडी गेट पर तालाबंदी की सूचना मिलने के बाद एसडीएम पुलकित मल्होत्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद संबंधित खरीद एजेंसियों और मार्केट कमेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए तथा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि आगामी 24 घंटे के भीतर धान का उठान करवाया जाएगा और किसानों के खातों में भुगतान पहुंचाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।