घुस रहे हैं, जिससे परिवारों में भय का माहौल बना हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए
कहा कि वे लंबे समय से जल निकासी की समस्या झेल रही हैं। बरसात के बाद से बच्चे स्कूल
नहीं जा पा रहे हैं, लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। महिलाओं का कहना
था कि बरसाती पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को भारी
परेशानी उठानी पड़ रही है। महिलाओं ने सवाल उठाया कि यदि शहर के विकसित और महंगे सेक्टरों
का यह हाल है तो आम कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की स्थिति क्या होगी। इसका सहज अंदाजा
लगाया जा सकता है।
सेक्टर वासियों द्वारा जींद रोड़ जाम किए जाने की सूचना मिलते ही जनस्वास्थ्य
विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी और शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखजीत सिंह
पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी
समस्याएं सुनीं और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लोगों को जल निकासी
की समस्या का जल्द और स्थायी समाधान किए जाने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जलभराव
की समस्या का स्थायी समाधान चाहिए। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि बरसाती पानी की
निकासी के लिए उचित ड्रेनेज व्यवस्था की जाए, ताकि हर बारिश के बाद उन्हें इसी तरह
सड़क पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े।