नूंह: एचओआरसी परियोजना के लिए नियंत्रित ब्लास्ट की मिली अस्थायी अनुमति

नूंह, 27 अगस्त । हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने पैकेज-सी-4 के तहत भूमिगत खुदाई कार्य के लिए नियंत्रित ब्लास्टिंग की अस्थायी अनुमति जारी की है। जिला मजिस्ट्रेट नूंह की ओर से जारी यह अनुमति पटुका पट्टी गांव सेहसोला क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत रेल परियोजना कार्य के लिए दी गई है। यह अनुमति 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

आदेश के अनुसार नियंत्रित ब्लास्टिंग का संचालन 24×7 आधार पर किया जा सकेगा, लेकिन विस्फोटक नियम, 2008 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य होगा। विशेष रूप से सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच विस्फोटकों के संचालन से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। रात के समय कार्य तभी किया जा सकेगा, जब पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम उपलब्ध हों। सुरक्षा मानकों का करना होगा पालन

प्रशासन ने ब्लास्टिंग कार्य में लगे कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हेलमेट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण और सुरक्षात्मक पोशाक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कंपनी को कार्यस्थल पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक सावधानियां बरतनी होंगी।

ब्लास्टिंग कार्य केवल अधिकृत एजेंसी और प्रशिक्षित एवं सक्षम विशेषज्ञों की निगरानी में ही किया जाएगा। पुलिस विभाग और संबंधित पुलिस अधिकारी समय-समय पर कार्यस्थल का निरीक्षण एवं निगरानी करेंगे। कंपनी को निरीक्षण के दौरान पूरा सहयोग करना होगा और सक्षम अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों की अनुपालना करनी होगी। जिला प्रशासन ने परियोजना कंपनी को निर्देश दिए हैं कि ब्लास्टिंग का कार्य केवल स्वीकृत राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र के भीतर किया जाए। इसके अलावा वन संरक्षण अधिनियम, 1980 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत आवश्यक अनुमतियां पहले से प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

जरूरी अनुमतियां लेना अनिवार्य

ब्लास्टिंग शुरू करने से पहले कंपनी को सहायक खनन अभियंता कार्यालय से आवश्यक अल्पकालिक खनन अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके साथ ही विस्फोटक सामग्री के भंडारण और उपयोग के लिए उप मुख्य नियंत्रक विस्फोटक, फरीदाबाद से आवश्यक स्वीकृतियां लेना भी अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अनुमति पूर्णतः अस्थायी और निरस्तीकरण योग्य है। यदि निर्धारित शर्तों, सुरक्षा मानकों अथवा सरकार और सक्षम प्राधिकरणों के निर्देशों का उल्लंघन पाया जाता है तो अनुमति तत्काल प्रभाव से वापस ली जा सकती है और संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।