रमेश ईनाणी हत्याकांड: सह आरोपित सिरोही के संत भजनाराम की जमानत याचिका खारिज

चित्तौड़गढ़, 01 मई । शहर के सिटी पेट्रोलपंप के पास 11 नवंबर को दिन दहाड़े कुरियर व्यवसायी एवं भाजपा नेता रमेश ईनाणी की गोली मार कर हत्या के मामले में जोधपुर उच्‍च न्‍यायालय ने सह आरोपित भजनाराम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश योगेन्द्र कुमार पुरोहित ने शुक्रवार को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि मुख्य आरोपित संत रमताराम फरार है और तफ्तीश लंबित होने से जमानत देना न्यायोचित नहीं है।

उल्‍लेखनीय है कि 11 नवंबर को सिटी पेट्रोल पंप के पास रमेश ईनाणी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने कुछ ही घंटों में शूटर मनीष दूबे को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि रामद्वारे के संत रमताराम ने कॉन्ट्रेक्ट किलिंग करवाई थी। मनीष दूबे को रमताराम से मिलवाने के आरोप में पुलिस ने भजनाराम को गिरफ्तार किया था। चित्तौड़गढ़ कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद भजनाराम ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।

भजनाराम के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उसने सिर्फ रमताराम से मनीष दूबे को मिलवाया था और परिचित हीरालाल देवड़ा के मार्फत मनीष के ड्राइवर राकेश केसरी के खाते में 30 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए थे। दावा किया कि रमताराम से 2024 और मनीष दूबे से 2022 के बाद कोई संपर्क नहीं है। संत दिलखुशराम उर्फ समताराम और दिग्विजयराम के बयानों का भी हवाला दिया।

लोक अभियोजक प्रेम सिंह पंवार और अधिवक्ता रवि चारण ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट को बताया गया कि गवाह दिग्विजयराम के बयान में रमताराम और भजनाराम की बातचीत होना सामने आया है।

जस्टिस पुरोहित ने फैसले में अहम गवाह नईम उर्फ मंटू खां के बयान का जिक्र किया। नईम ने बताया कि 2022 में वह मनीष दूबे के साथ चित्तौड़गढ़ आया था। किले के तिराहे पर सफेद अल्टो में गुलाबी वस्त्रधारी, गंजे साधु बाबा मिले। मनीष उनकी गाड़ी में बैठा और बाद में बताया कि बाबा ने 35 हजार रुपए गाड़ी खरीदने को दिए हैं। जमीन का कोई मामला बताया था।

गवाह दिग्विजयराम ने माना कि 22 नवंबर 2025 को गुरु रमताराम ने उसके फोन से भजनाराम को कॉल किया था। वहीं संत दिलखुश उर्फ समताराम ने बताया कि 2024 के फूलडोल मेले से पहले भजनाराम और रमताराम में अनबन हुई थी। भजनाराम ने कहा था कि रमताराम रमेश ईनाणी की हत्या करवा सकता है। इसकी सूचना समताराम ने ईनाणी को भी दी थी। तत्कालीन रिपोर्टर जितेन्द्र सारण के बयान में भी भजनाराम ने मनीष दूबे का संपर्क रमताराम से कराने की बात मानी है।

दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद जस्टिस पुरोहित ने कहा कि भजनाराम ने 30 हजार रुपए ट्रांसफर कराए और मुख्य आरोपित रमताराम फरार है। तफ्तीश लंबित होने से जमानत का लाभ देना उचित नहीं है। याचिका खारिज कर दी गई।