बंगाल चुनाव : BJP और TMC के बीच कांटे की टक्कर, पंजाब की राजनीति पर बड़ा असर
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। शुरुआती रुझानों में भाजपा बढ़त बनाए हुए है। बंगाल में भाजपा का प्रदर्शन पंजाब के राजनीतिक विशेषज्ञों की निगरानी में है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भाजपा बंगाल में ममता बनर्जी का किला ढहाने में सफल रहती है, तो अगली बारी पंजाब की हो सकती है। इसकी वजह यह है कि जिस तरह बंगाल में भाजपा कभी सरकार नहीं बना पाई, वैसे ही पंजाब में अकेले सत्ता हासिल करना भी उसके लिए एक बड़ी चुनौती है। दैनिक भास्कर ने पंजाब के तीन राजनीतिक विशेषज्ञों से बात की। उनका कहना है कि भाजपा की जीत या हार का सीधा असर पंजाब की राजनीति पर पड़ेगा।
पंजाब में BJP का एग्रेसिव कैंपेन और AAP में टूट का खतरा
जालंधर की DAV यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन प्रो. डॉ. केके रत्तू के अनुसार, यदि भाजपा बंगाल जीतती है तो पंजाब में भी वह साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाएगी। बंगाल में भाजपा का प्रदर्शन पंजाब के लिए एक मॉडल बन सकता है। इससे आम आदमी पार्टी (AAP) में टूट का खतरा बढ़ेगा। विधायक समझेंगे कि भाजपा बंगाल में सरकार बना सकती है, तो पंजाब में भी यह संभव है। हालांकि, डॉ. रत्तू कहते हैं कि यह टूट अभी नहीं होगी। AAP सरकार अपने विधायकों को छोड़ने को तैयार नहीं है। पिछली बार राज्यसभा सांसदों पर रेड या केस हुए थे। राघव चड्ढा और हरभजन भज्जी की सुरक्षा वापस ली गई थी। इसलिए, असली टूट चुनाव से 1-2 महीने पहले ही होगी। यह तभी संभव है जब भाजपा बंगाल में सरकार बनाती है। नहीं तो विधायक यही समझेंगे कि भाजपा पंजाब जीतने में असमर्थ है।
बंगाल के बाद पंजाब को मिलेगी प्राथमिकता, कांग्रेस-आप को लग सकता है डेंट
राजनीतिक विशेषज्ञ एडवोकेट नईम खान कहते हैं कि बंगाल में भाजपा की जीत का असर पंजाब में साफ दिखेगा। भाजपा पंजाब में चौंकाने वाला प्रदर्शन कर सकती है। इसके लिए RSS भी पंजाब में सक्रिय है। भाजपा ने डेरा बल्लां, ब्सास और डेरा सच्चा सौदा से संपर्क साधा है। हालांकि, इसका वोट बैंक पर प्रभाव स्पष्ट नहीं है। बंगाल चुनाव से कांग्रेस के लिए भी एक बड़ा संदेश है। रुझानों में कांग्रेस दहाई अंक तक नहीं पहुंच पाई। पंजाब में भी यदि भाजपा का वोट शेयर बढ़ता है, तो कांग्रेस और आप को नुकसान हो सकता है। संभव है कि 2027 में चुनावी मुकाबला AAP और BJP के बीच ही हो।
बंगाल रिजल्ट तय करेगा पंजाब की 2027 की राजनीति
पूर्व VC डॉ. किरपाल सिंह औलख के अनुसार, बंगाल चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन पंजाब की चुनावी राजनीति तय करेगा। यदि भाजपा जीतती है, तो 2027 में मिशन पंजाब गहराई से लागू होगा। बंगाल में कामयाब फॉर्मूले को पंजाब के हिसाब से ढाला जाएगा। विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर AAP में टूट दिख सकती है। राघव चड्ढा और संदीप पाठक अभी पंजाब में सक्रिय नहीं दिख रहे। पहले बैकएंड प्लानिंग होगी, फिर भाजपा लोगों को यकीन दिलाएगी कि बंगाल ने भरोसा किया, तो पंजाब को भी मौका देना चाहिए। पंजाब में एग्रेसिव कैंपेन से भाजपा की रणनीति साफ होगी।
नोट: यह खबर पंजाब के राजनीतिक विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। पूरी जानकारी के लिए दैनिक भास्कर से संपर्क करें।