रोपड़-चमकौर साहिब रोड पर किसानों का धरना
रूपनगर में बुधवार देर शाम किसानों ने रोपड़-श्री चमकौर साहिब रोड पर गोबिंदपुरा के पास सड़क जाम कर दी। किसान सार्वजनिक जगहों पर मवेशी चराने और सरकारी, पंचायती व वन विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जों का विरोध कर रहे थे। करीब एक घंटे चले इस धरने के बाद पुलिस और प्रशासन के कार्रवाई के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोल दिया।
किसान नेता ने क्या आरोप लगाए
भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष करनवीर सिंह सिद्धू ने बताया कि 10-15 दिन पहले गांव बंदेवाल में एक व्यक्ति से मारपीट हुई थी। किसान संगठनों और ग्रामीणों के दखल के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में मवेशी चराने को लेकर पहले भी कई बार झगड़े और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। किसान नेताओं ने कहा कि उन्होंने पहले भी डीसी रूपनगर, एसएसपी, डीएसपी और स्थानीय पुलिस को शिकायतें दी थीं।
किसानों की मुख्य मांगें
किसानों की मांग थी कि सड़कों, नहरों के किनारों, पंचायती और सरकारी जमीनों पर मवेशी खुले छोड़ने पर तुरंत रोक लगे। किसानों का कहना है कि खुले घूमते मवेशियों से फसलों को बहुत नुकसान होता है। नदी-नहरों के तटबंध भी टूटने का डर बना रहता है। सिद्धू ने याद दिलाया कि 2023 में भी मवेशियों के नदी क्षेत्र में जाने से तटबंध टूट गया था। इससे आसपास के गांवों को भारी नुकसान हुआ था। किसानों ने डेरों में मौजूद बड़ी संख्या में मवेशियों को काबू करने की मांग की। साथ ही फोन पर धमकी देने के मामलों की जांच और अवैध कब्जे हटाने की मांग भी की।
पुलिस प्रशासन का आश्वासन
डीएसपी दीपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और नियमों के हिसाब से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने जाम हटा लिया। थाना सदर रूपनगर के एसएचओ सनी खन्ना ने साफ किया कि सार्वजनिक जगहों पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई होगी।
मवेशी और अवैध कब्जे पर सख्ती की मांग
किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मवेशियों से फसल नुकसान और तटबंध टूटने की समस्या गंभीर है। इस मुद्दे पर भारतीय किसान यूनियन लगातार आवाज उठा रही है। किसानों ने प्रशासन से अवैध कब्जे हटाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई। स्थानीय लोगों ने भी किसानों के समर्थन में आवाज उठाई। मामले की जांच जारी है और प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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