शिमला, 02 अगस्त । मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि चंबा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई नए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन, नई सीटी स्कैन मशीन, एक्स-रे मशीन और अत्याधुनिक लेप्रोस्कोपिक उपकरण उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा रविवार को चंबा चिकित्सा महाविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उनके सुझाव भी सुने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए आवश्यकता के अनुसार नियमों में छूट दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 20 आईसीयू बेड स्थापित करने का प्रस्ताव जल्द तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब कॉलेज में पर्याप्त फैकल्टी उपलब्ध हो जाएगी, तब यहां रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अगले 10 दिनों के भीतर मेडिकल कॉलेज में 40 स्टाफ नर्सों की तैनाती करने की घोषणा की। इसके साथ ही रेडियोग्राफर और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। उनका कहना था कि इन नियुक्तियों से मरीजों को बेहतर और सुचारु स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की नीति तैयार कर रही है। इस पहल के तहत डॉक्टरों को दूसरे देशों की आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था और नई तकनीकों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। इससे प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में लगभग 3 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उनका कहना था कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से प्रदेश के लोगों को लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इससे पहले वह आईजीएमसी शिमला, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन, एआईएमएसएस चमियाना, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा और श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में भी फैकल्टी और विद्यार्थियों से संवाद कर चुके हैं। इन बैठकों में मिले सुझावों को सरकार नीति निर्माण में शामिल कर रही है। उनका कहना था कि इस वर्ष के अंत तक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंबा चिकित्सा महाविद्यालय में कार्डियोलॉजी विभाग की स्थापना की जा चुकी है। इसके अलावा सीनियर रेजिडेंट के 23 और पोस्ट ग्रेजुएट के 28 पद स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सीनियर रेजिडेंट छात्रावास के निर्माण के लिए 18.98 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। साथ ही पीजी और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा निदेशालय और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय के कैडर को अलग करने का फैसला भी लागू किया गया है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सुधार आएगा।