नायब सिंह सैनी ने दी बागवानी और कोल्ड चेन सेंटर की सौगात

चंडीगढ़, 05 जून । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा को बागवानी, एग्री-बिजनेस, कोल्ड चेन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभकारी बनाने, जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लें।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 2,738 करोड़ रुपये की लागत से जाईका वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शिलान्यास के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, बल्कि हरियाणा की कृषि व्यवस्था को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ इस दौरान प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीआईसीए के मुख्य प्रतिनिधि टाकेची टकूरो, फर्स्ट सेक्रेटरी फूड एंड एग्रीकल्चर टाकेहिको हयासे तथा ब्रिटिश डिप्टी हाईकमीश्नर ऐलबा स्मीरिग्लयो मौजूद थे।

उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन केवल दो परियोजनाओं के शुभारंभ का नहीं, बल्कि हरियाणा के कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक नई दिशा तय करने का दिन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में फलों और सब्जियों का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा खेत से बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है। इस चुनौती का समाधान सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना के तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, 500 उत्पादक समूहों को संगठित एवं सशक्त बनाया जाएगा, 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस, 3 फुलफिलमेंट सेंटर तथा 44 रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा तथा 65,000 एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा।

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि गांवों, स्कूलों और विभिन्न संस्थाओं में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।