नई टिहरी, 10 अक्टूबर । टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (टीएचडीसी-आईएचईटी) बीपुरम नई टिहरी में पहाड़ी क्षेत्रों के लिए सतत इलेक्ट्रिक वाहन विषय पर एआईसीटीई-एटीएएल के सहयोग से आयोजित संकाय विकास प्रशिक्षण संपन्न हुआ। छह दिवस प्रशिक्षण में इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी, नवाचार और पहाड़ी क्षेत्रों के अनुकूल परिवहन समाधानों की जानकारी दी।
शनिवार को संस्थान के निदेशक प्रो. शरद कुमार प्रधान ने प्रशिक्षण का समापन करते हुए कहा कि प्रतिभागी अर्जित ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव का उपयोग अनुसंधान, नवाचार, तकनीकी विकास को बढ़ावा देने में करें। पहाड़ी क्षेत्रों की परिवहन संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए समाजोपयोगी और पर्यावरण अनुकूल तकनीक विकसित करें।
प्रशिक्षण में पारंपरिक पेट्रोल इंजन वाली स्कूटी को हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन में परिवर्तित करने का व्यावहारिक प्रयोग आकर्षण का केंद्र रहा। जिसके माध्यम से स्कूटी को आवश्यकता के अनुसार पारंपरिक इंजन और विद्युत चलित प्रणाली, दोनों माध्यमों से संचालित करने की तकनीक प्रदर्शित की गई।
कार्यक्रम समन्वयक प्रो. नितिन गुप्ता और प्रो. हिमांशु गुप्ता ने विशेषज्ञों, संस्थान के सहयोगियों और विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षण,अनुसंधान और उद्योग के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ उभरती प्रौद्योगिकियों में व्यावहारिक दक्षता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतिभागियों ने भारतीय पेट्रोलियम संस्थान का भी भ्रमण किया।
यहां उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन प्रयोगशाला और उन्नत वाहन परीक्षण प्रयोगशाला का अवलोकन कर आधुनिक वाहन परीक्षण तकनीकों की जानकारी भी ली।