मोगा में आंगनवाड़ी सेंटर में चोरी की बड़ी वारदात
पंजाब के मोगा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। धर्मकोट थाना क्षेत्र के फिरोजवाल मंगल सिंह गांव में स्थित आंगनवाड़ी सेंटर को चोरों ने निशाना बनाया है। बुधवार रात को अज्ञात चोरों ने सेंटर का ताला तोड़कर वहां रखा सामान चुरा लिया। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
चोरों ने किया माल लादकर फरार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोरों ने आंगनवाड़ी सेंटर के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने चावल के दो कट्टे और गेहूं का एक कट्टा चुरा लिया। चोर रसोई का ताला तोड़कर एक एलसीडी और अन्य कीमती सामान भी ले गए। चोरों ने अंदर रखी अलमारी को तोड़ने का भी काफी प्रयास किया। हालांकि वे इसमें सफल नहीं हो सके। इसके अलावा चोरों ने बिजली के बोर्ड भी उखाड़ने की कोशिश की।
सुबह स्कूल जाते समय लगी घटना की भनक
इस चोरी की घटना का पता सुबह तब चला जब गांव के लोग अपने बच्चों को प्राथमिक स्कूल छोड़ने जा रहे थे। रास्ते में लोगों ने आंगनवाड़ी सेंटर के ताले टूटे हुए देखे। तुरंत इसकी सूचना गांव के सरपंच रछपाल सिंह और आंगनवाड़ी वर्कर सरबजीत कौर को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी कमालके के प्रभारी गुरप्रीत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज से चोरों की तलाश जारी
जांच अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। चोरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, सरपंच रछपाल सिंह और आंगनवाड़ी वर्कर सरबजीत कौर ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही चोरी किया गया सामान भी बरामद किया जाए ताकि सेंटर का कामकाज सुचारू रूप से चल सके। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
इस घटना से यह साबित होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी चोरी की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस को ऐसे मामलों में सतर्कता बरतने की जरूरत है। आंगनवाड़ी सेंटर गांव की बच्चों और महिलाओं के पोषण का केंद्र होता है। ऐसे में सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। पंजाब पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ही इस मामले का खुलासा हो सकेगा। स्थानीय प्रशासन को भी ग्रामीण इलाकों में गश्त बढ़ानी चाहिए। मोगा जिला प्रशासन से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।