एडीसी की रिटायरमेंट से पहले डील, ईडी ने जब्त किए १.७५ करोड़

ईडी का बड़ा एक्शन: पठानकोट में अवैध खनन और भूमि घोटाले पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने पंजाब के पठानकोट जिले में अवैध खनन और भूमि घोटाले पर प्रहार किया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत हुई है। टीम ने 16 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह मामला भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गांव भट्टियां का है। यहां सरकारी शामलात जमीन को अवैध रूप से निजी हाथों में सौंपा गया। इस जमीन पर धड़ल्ले से अवैध खनन हुआ। तीन दिन चली इस रेड में ED ने 1.75 करोड़ रुपये अघोषित कैश जब्त किया है। PMLA की धारा 17(1A) के तहत 91.34 लाख रुपये से अधिक के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए।

अवैध खनन में इस्तेमाल हुए बिना नंबर के ट्रक और मशीनें

ED की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इलाके में रात के समय बिना नंबर प्लेट वाले ट्रक चलते थे। टिप्परों और पोकलेन मशीनों से अवैध खनन होता था। सर्वे ऑफ इंडिया से मदद मांगी गई है। इससे जमीन पर अवैध खनन की सटीक मैपिंग होगी। वैज्ञानिक जांच भी की जाएगी। ED के अधिकारियों के अनुसार, सभी संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। जब्त किए गए दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य आधार हैं। आने वाले दिनों में रसूखदारों और अधिकारियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक सकती है।

गोल गांव की 92 एकड़ पंचायती जमीन का विवाद

यह पूरा मामला पठानकोट के नरोट जैमल सिंह ब्लॉक का है। गोल गांव में 92 एकड़ पंचायती जमीन का विवाद है। रावी नदी के किनारे यह जमीन खनिज-समृद्ध है। इसे गैरकानूनी तरीके से निजी व्यक्तियों को सौंप दिया गया। फरवरी 2025 में यह विवाद सुर्खियों में रहा। तत्कालीन ADC कुलदीप सिंह ने रिटायरमेंट से एक दिन पहले आदेश दिया। इस पूरे खेल की पटकथा राज्य सरकार के मंत्री की सिफारिश से शुरू हुई। आरोपी को सेवानिवृत्ति से 4 दिन पहले पठानकोट में तैनात किया गया था। अमृतसर विजिलेंस ब्यूरो ने FIR दर्ज की थी। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।

क्रशर माफिया और अफसरों की साठगांठ का भंडाफोड़

ED की रेड में कई स्टोन क्रशर कंपनियां जांच में आईं। मेसर्स श्री साई स्टोन क्रशर और शिव शंकर स्टोन क्रशर पर छापेमारी हुई। बिना लीगल अथॉरिटी और टैक्स चुकाए खनन किया गया। सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। खनन माफिया को पनाह देने के आरोप में संदिग्ध अधिकारियों की भूमिका जांची जा रही है। पंजाब सरकार के अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा

ED ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी का हवाला दिया। हाई कोर्ट ने कहा था कि पठानकोट और गुरदासपुर में अवैध खनन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। यह गतिविधियां नशीली दवाओं के तस्करों को बढ़ावा देती हैं। गृह मंत्रालय ने भी सीमावर्ती इलाकों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। ED का कहना है कि अदालत के निर्देशों के बावजूद अवैध धंधा जारी था। अब ED का शिकंजा कस गया है। आगे की जांच जारी है।
Related: ED रेड: केजरीवाल-बीजेपी में सियासी तकरार