13 करोड़ वोट कटे? मानसा में ज्ञानेश पर देशद्रोह केस की मांग

मानसा में इंडिया गठबंधन का विशाल विरोध मार्च

पंजाब के मानसा में इंडिया गठबंधन ने बड़ा विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ था। मुख्य मुद्दा एसआईआर प्रक्रिया का विरोध रहा। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की। गठबंधन नेताओं ने कहा कि व्यवस्था न बदली तो देशव्यापी आंदोलन होगा।

13 करोड़ वोट काटने का गंभीर आरोप

नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर साजिश हुई है। देशभर में 13 करोड़ से अधिक वैध मतदाताओं के नाम काटे गए। इसे लोकतंत्र की हत्या बताया गया। यह संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार और चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।

चुनाव आयोग पर कठपुतली होने का आरोप

वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह संस्था अब स्वायत्त नहीं रही। आरोप लगाया कि आयोग एक राजनीतिक दल की कठपुतली बन चुका है। उसी के इशारे पर काम कर रहा है। नेताओं ने मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया तुरंत बंद की जाए। इस मामले में लोकतंत्र और चुनाव सुधार पर चर्चा के लिए भारत सरकार का पोर्टल भी देखा जा सकता है।

दिल्ली में बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के अंत में नेताओं ने केंद्र सरकार को कड़ा संदेश दिया। चेतावनी दी कि एसआईआर न रोका गया तो आंदोलन पंजाब तक सीमित नहीं रहेगा। चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई गई। आने वाले दिनों में दिल्ली में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया, कॉमरेड हरदेव अर्शी, कुलवंत राय सिंगला, राजविंदर राणा और कृष्ण चौहान सहित कई नेता शामिल हुए। विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। नेताओं ने कहा कि चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी तक मामला शांत नहीं होगा। यह आंदोलन लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी बताया गया।
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