वाशिंगटन/नई दिल्ली, 27 जुलाई । भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेने के बाद पुर्तगाल के लिए रवाना हो गया। सुदर्शिनी ने अमेरिका में एक माह की यात्रा पूरी की। यह स्वदेशी पोत अपने ऐतिहासिक ‘लोकायन 2026’ अभियान के तहत लगभग 13,000 नॉटिकल मील की लंबी यात्रा तय करके अमेरिका के पूर्वी तट पर पहुंचा और चार जुलाई को अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के अवसर पर न्यूयॉर्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के सामने से तिरंगा लहराते हुए गुजरा।
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 26 जुलाई को एक बयान में कहा कि सुदर्शनी ‘लोकायन 2026’ के तहत 25 जुलाई को अमेरिका के बोस्टन से रवाना हुआ। अपने प्रवास के दौरान पोत ने प्रतिष्ठित सेल 250 समारोहों और अंतरराष्ट्रीय नौसेना समीक्षा 250 में भारत का गर्व पूर्वक प्रतिनिधित्व किया एवं भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया। पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समुद्री साझेदारी को मजबूत किया।
बयान के अनुसार, आईएनएस सुदर्शिनी ने नॉरफॉक, बाल्टीमोर, न्यूयॉर्क और बोस्टन में आयोजित भव्य ‘परेड ऑफ सेल’ और इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250 में हिस्सा लिया। गणमान्य व्यक्तियों, भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय नौसेना प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी की। साथ ही समुद्री सहयोग और मित्रता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। आईएनएस सुदर्शनी अब पुर्तगाल के अजोरेस में पोंटा डेलगाडा के लिए रवाना हो चुका है। यह पोत वैश्विक मंच पर भारत की समुद्री शक्ति, व्यावसायिकता और सद्भावना का प्रतीक बना हुआ है।
चार जुलाई को यह पोत न्यूयॉर्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के सामने से तिरंगा लहराते हुए गुजरा। इस ऐतिहासिक क्षण को भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक बेहद शानदार नजारा बताया। बोस्टन में भारतीय महावाणिज्य दूत के अनुसार, इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन में भाग लेने वाला सुदर्शिनी पूरे एशिया और व्यापक हिंद महासागर क्षेत्र का इकलौता नौसैनिक पोत है।
‘लोकायन 2026’ भारतीय नौसेना का 10 महीने का लंबा समुद्री अभियान है। इसकी शुरुआत 20 जनवरी 2026 को कोच्चि नेवल बेस से हुई। इसमें आईएनएस सुदर्शिनी पोत ने हिस्सा लिया। इस अभियान के अंतर्गत सुदर्शिनी भारत का झंडा ऊंचा करता हुआ 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों के पास से गुजरेगा। इनमें से कुछ देशों का सफर वह पूरा कर चुका है।
————