झोटा की मौत: नीरू बाजवा ने अपनी फिल्म थापी को सिनेमाघरों में किया होल्ड

चंडीगढ़, 18 अक्टूबर । पंजाब के मानसा में एंटी ड्रग-एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा का छठे दिन भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। यह मुद्दा समूचे पंजाब में फैल गया है और पंजाब सरकार के गले की फांस बन गया है। इस बीच प्रसिद्ध पंजाबी फिल्मी अभिनेत्री एवं निर्देशिका नीरू बाजवा ने अपनी फिल्म को सिनेमाघरों में चलाने से रोक दिया है। रविवार को भी मानसा में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। परविंदर सिंह झोटा के आवास की तरफ जाने वाली सभी सडक़ों पर पुलिस का पहरा रहा।

झोटा की मौत के छठे दिन भी रविवार को परिवार ने उनका अंतिम संस्कार नहीं किया। परिवार और इंसाफ कमेटी अपनी 5 मांगों पर अड़े हैं। पंजाबी फिल्म अभिनेत्री नीरू बाजवा ने अपनी फिल्म ‘थापी’ को होल्ड करने का ऐलान किया है। उन्होंने साेशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मैं जो भी हूं पंजाब की वजह से हूं। फिल्म ‘थापी’ बनाने का उद्देश्य भी यही है कि पंजाब के खेल मैदानों में रोनक लगे। सिनेमा लोगों के लिए होता है, लोगों से बड़ा कभी नहीं हो सकता। आज जो भी पंजाब के हालात हैं उसे देखते हुए मैं और मेरी टीम ने यह फैसला लिया है कि हमारे लिए पंजाब से उपर कुछ नहीं है। हम अपनी फिल्म ‘थापी’ को होल्ड कर रहे हैं। कल से यह फिल्म सिनेमाघरों में नहीं चलाई जाएगी। जब तक पंजाब के हालात ठीक नहीं होते तब तक हम पूरी तरह से पंजाब के साथ हैं। पंजाब के साथ थे और पंजाब के साथ रहेंगे। यह फिल्म 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जो नहीं दिखाई जाएगी।

इस बीच परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि मानसा के डीएसपी एक निजी व्यक्ति को सीडीआर यानी फोन कॉल की डिटेल्स देकर गलत अफवाहें फैला रहे हैं। साथ ही, परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे मोर्चे में मीडियो को दूर करने की कोशिशें भी की जा रही हैं।

मानसा पुलिस ने रविवार को दावा किया कि आरोपी अश्वनी कुमार की निशानदेही पर लाइसेंसी पिस्टल बरामद कर ली गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वारदात के बाद हथियार झुनीर के पास एक खेत में छिपाया था। हत्या के बाद ड्रग कंट्रोल विभाग ने गौशाला रोड स्थित मानसा मेडिकोज को सील कर दिया।

इंसाफ कमेटी ने 19 अक्टूबर को दोपहर 12 से 3 बजे तक आम आदमी पार्टी के विधायकों के घरों के बाहर धरने देने का ऐलान किया है। इस दौरान विधायकों को लाहनती पत्र सौंपे जाएंगे। कमेटी ने इस कार्यक्रम के लिए लोगों को बड़ी संख्या में जुटाने की तैयारी की है।

जिला प्रशासन और पुलिस परिवार व इंसाफ कमेटी से बातचीत कर शव का पोस्टमॉर्टम करवाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके।