जयपुर, 19 अक्टूबर । अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-6, महानगर द्वितीय ने 22 सप्ताह की गर्भवती पत्नी को बेहोश करने के बाद गला दबाकर हत्या करने वाले अभियुक्त पति मोहम्मद अजहर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीठासीन अधिकारी सीमा ढाका ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त ने अपने बयानों में मृतका की हार्ट अटैक से मौत होना बताया है, लेकिन साक्ष्य में साबित नहीं कर पाया कि उसकी मौत हार्ट अटैक आने से हुई है। ऐसे में अभियुक्त को उम्रकैद की सजा का दंड दिया जाना उचित होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक कुलदीप गौड़ ने अदालत को बताया कि मृतका अनम फातिमा के पिता मुन्ना खान ने 7 अगस्त, 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसने छह माह पहले 12 फरवरी को अपनी बेटी अनम फातिमा का निकाह अजहर के साथ किया था। वह 29 जुलाई की रात 11.45 बजे बेटी अनम फातिमा से मिलकर आए थे और तब वह बिल्कुल सही थी, लेकिन 30 जुलाई की सुबह अचानक बीमार होने और हार्ट अटैक से उसकी मौत होना बताया। दूसरी ओर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक नहीं बताया गया। आरोपी ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही जल्दबाजी में शव को दफना दिया और पीहर पक्ष को झूठी कहानी बताई। परिवादी पक्ष ने आरोपी पर अवैध संबंधों के चलते हत्या करना बताया। पुलिस जांच में पता चला कि मृतका को ज्यादा मात्रा में बेहोशी की दवा दी थी। आरोपी हेल्थ केयर सेंटर चलाता था, उसे दवाओं का पता था। मृतका के शरीर में मिली दवाई डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलती। इस पर पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अभियुक्त के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया।