साथ रहने वाली महिला की हत्या करने वाले अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा

जयपुर, 21 अगस्त । अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-1 महानगर प्रथम ने चार साल से साथ रह रही विवाहिता की गला घोंटकर हत्या करने के आरोप में अभियुक्त मनीष निरवान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पीठासीन अधिकारी मनोज मीना ने अपने आदेश में कहा कि मृतका की किसी से रंजिश नहीं थी और पड़ोसियों ने घटना की रात मृतका और अभियुक्त के बीच झगड़ा होने के बयान दिए हैं। ऐसे में अभियुक्त ही एकमात्र व्यक्ति है, जिसने घटना को अंजाम दिया है।

अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक दिनेश कुमार ने अदालत को बताया कि मृतका कविता के पिता ने 19 नवंबर, 2024 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि उसकी बेटी अपने पहले पति को छोड़कर बीते चार साल से अभियुक्त के साथ रह रही थी। इस दौरान मृतका के पूर्व पति से संपर्क रखने के चलते दोनों के बीच आए दिन झगड़ा होता था। अभियुक्त की ओर से कविता की तबीयत खराब होने की बात पता चलने पर वह उसने घर पहुंचा तो उसे उसकी मौत होने का पता चला। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया। वहीं अभियुक्त की ओर से कहा गया कि 17 नवंबर की रात वह अपनी मां को पुराने मकान में छोडने गया था। कविता शराब पीने के चलते रात को खाना नहीं बना पाती थी। इसलिए वह रात को मां के घर ही रुक गया। सुबह जब वह घर पहुंचा तो कविता के मुंह से झाग निकल रहे थे और बिस्तर पर उल्टी की हुई थी। गला दबाने से मुंह से झाग नहीं आते। इसके अलावा घटना का कोई गवाह भी नहीं है। इसलिए उसे दोषमुक्त किया जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को दंडित किया है।