जानें: LPG टैंकर लीक, मोगा-जालंधर हाईवे पर कैसे टला हादसा?

मोगा-जालंधर हाईवे पर LPG टैंकर गैस लीक, चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला

मोगा-जालंधर हाईवे पर बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दरअसल, LPG से भरे एक टैंकर से अचानक गैस लीक होने लगी। टैंकर चालक की तत्परता और सूझबूझ से समय रहते लीकेज पर काबू पा लिया गया। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

टायर पंचर के बाद महसूस हुई गैस की गंध

जानकारी के मुताबिक, अमृतसर जिले निवासी टैंकर चालक अमृतपाल सिंह दोपहर करीब दो बजे हाईवे पर टैंकर लेकर जा रहा था। तभी टैंकर का टायर पंचर हो गया। पंचर लगवाने के बाद जैसे ही वह आगे बढ़ा, उसे टैंकर से अजीब आवाज सुनाई दी। साथ ही गैस की तेज गंध भी महसूस हुई। चालक ने तुरंत टैंकर रोका और नीचे उतरकर निरीक्षण किया। देखा तो टैंकर के गैस सिस्टम में एक जगह से लीकेज हो रही थी। यह एक बेहद खतरनाक स्थिति थी।

20 टन LPG से भरा था टैंकर, बड़ा नुकसान टला

अमृतपाल सिंह ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। उसने अपनी समझदारी से फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही लीकेज पर काफी हद तक काबू पा लिया था। चालक के अनुसार, टैंकर में करीब 20 टन LPG गैस भरी हुई थी। अगर समय रहते लीकेज नहीं रोकी जाती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे। जान-माल के भारी नुकसान की आशंका थी। LPG गैस अत्यंत ज्वलनशील होती है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही बड़ी आपदा का कारण बन सकती थी।

फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा, टैंकर जालंधर रवाना

फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर टैंकर की विस्तृत जांच की। टीम ने आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए। इसके बाद पूरी सावधानी के साथ फायर ब्रिगेड की गाड़ी टैंकर के आगे-आगे चली। टैंकर को सुरक्षित तरीके से जालंधर की ओर रवाना किया गया। फायर ब्रिगेड की इस कार्रवाई ने बड़ी अनहोनी को टाल दिया है।

सतर्कता से बची बड़ी अनहोनी

यह घटना यह साबित करती है कि आपात स्थिति में सतर्कता और सही समय पर उठाए गए कदम कितने जरूरी होते हैं। टैंकर चालक अमृतपाल सिंह की सूझबूझ ने न केवल अपनी जान बचाई। बल्कि आसपास के लोगों को भी एक बड़ी आपदा से बचा लिया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, खतरनाक सामग्री ले जाने वाले वाहनों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इस घटना से अन्य चालकों को भी सीख लेनी चाहिए। खतरनाक सामग्री से जुड़ी किसी भी असामान्य स्थिति पर तुरंत प्रशासन को सूचित करना चाहिए।