लुधियाना में ASI का कारनामा: जब्त वाहन बेचने के आरोप में 4 गिरफ्तार

लुधियाना पुलिस मालखाना घोटाला: एएसआई समेत चार गिरफ्तार

पंजाब के लुधियाना में जगराओं पुलिस मालखाने से जब्त दोपहिया वाहनों को अवैध रूप से कबाड़ी को बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) और एक बिचौलिए समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के निर्देशों पर आरोपी एएसआई को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गिरफ्तार एएसआई की पहचान मनजिंदर सिंह के रूप में हुई है। अन्य आरोपियों में बिचौलिया बलविंदर सिंह उर्फ बग्गड़ तथा दो सगे भाई कबाड़ी रमणदीप सिंह और रणजीत सिंह शामिल हैं।

मनी कबाड़ी दुकान पर छापेमारी, 12 वाहनों के पुर्जे बरामद

थाना सिटी के इंचार्ज इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह ने बताया कि मालखाने से जब्त वाहन गायब होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने डॉ. गालिब वाली गली स्थित ‘मनी कबाड़ी’ की दुकान पर छापेमारी की। मौके से रमणदीप सिंह और रणजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। कबाड़ी की दुकान से लगभग 12 मोटरसाइकिलों और स्कूटरों के कटे हुए पुर्जे बरामद किए गए हैं। पुलिस अब जांच कर रही है कि मालखाने से अब तक कुल कितने वाहन बेचे जा चुके हैं।

वीआईपी ड्यूटी के दौरान रचता था साजिश

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी एएसआई मनजिंदर सिंह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। जब अन्य पुलिसकर्मियों की ड्यूटी वीआईपी सुरक्षा या किसी बड़े समागम में लगी होती थी, तब वह मालखाने से धीरे-धीरे गाड़ियां बाहर निकाल लेता था। इसके बाद वह दलाल बलविंदर सिंह उर्फ बग्गड़ के जरिए कबाड़ी भाइयों से सौदा कर वाहन उन्हें बेच देता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गठजोड़ में कुछ अन्य पुलिसकर्मी या व्यक्ति भी शामिल हैं।

बिना कागजी कार्रवाई पकड़े गए वाहन मालखाने तक कैसे पहुंचे?

थाना प्रभारी परमिंदर सिंह के अनुसार, मालखाने से गायब हुए ज्यादातर वाहन वे थे जिन्हें पुलिस ने केवल संदेह के आधार पर जांच के लिए पकड़ा था। इन वाहनों पर कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई थी। हालांकि, अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि बिना कागजी कार्रवाई के केवल जांच के लिए पकड़े गए वाहन मालखाने तक कैसे पहुंचे? पुलिस का कहना है कि सबसे पहले इन वाहनों के असली मालिकों का पता लगाया जाएगा। यह भी जांचा जाएगा कि इन्हें किस आधार पर पकड़ा गया था। बरामद पुर्जों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस मालखाना घोटाले की गहन जांच जारी

यह मामला पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े कर रहा है। जब्त वाहनों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले ही उन्हें बेच रहे थे। इससे मालखाना प्रबंधन की खामियां उजागर हुई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मालखाना प्रणाली में सुधार की जरूरत है। इस मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए देखें: पंजाब पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट

इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग