लुधियाना, 02 सितंबर । लुधियाना के हैबोवाल खुर्द स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल में बुधवार को उस समय मातम पसर गया, जब कक्षा में बच्चों से बातचीत के दौरान स्कूल के हेड टीचर हरजीत ग्रेवाल (49) की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद वह अचानक जमीन पर गिर पड़े। साथी शिक्षकों ने तत्काल उन्हें संभालते हुए सीपीआर देने का प्रयास किया और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, हरजीत ग्रेवाल रोजाना की तरह बुधवार सुबह स्कूल पहुंचे। उन्होंने प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया और इसके बाद दो कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाया। स्कूल से जुड़े कार्यालयीन कार्य भी उन्होंने पूरे किए। दोपहर करीब 12:40 बजे वह स्कूल की प्री-प्राइमरी कक्षा में बच्चों और अध्यापिका से बातचीत करने पहुंचे थे।
बताया गया कि कक्षा में बच्चों और अध्यापिका से बातचीत के दौरान अचानक उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। कक्षा में मौजूद एक शिक्षक ने उन्हें पानी देने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने पानी का गिलास हाथ में लिया, वह अचानक जमीन पर गिर पड़े। उनके गिरते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल के अन्य शिक्षक मौके पर पहुंचे। शिक्षकों ने उन्हें संभाला और तत्काल सीपीआर देने का प्रयास किया। इसके बाद उन्हें नजदीकी मोहल्ला क्लिनिक ले जाया गया। वहां से एंबुलेंस की मदद से उन्हें डीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
साथी शिक्षकों के अनुसार, हरजीत ग्रेवाल स्कूल की जिम्मेदारियों के साथ-साथ एसआईआर और ड्रग सर्वे से संबंधित सरकारी ड्यूटी भी निभा रहे थे। शिक्षकों ने बताया कि वह अपनी जिम्मेदारियों को लेकर बेहद गंभीर रहते थे और स्कूल के कार्यों के अलावा उन्हें सौंपी गई सरकारी ड्यूटी भी नियमित रूप से पूरी कर रहे थे।
उनकी अचानक मौत से स्कूल के शिक्षक और कर्मचारी सदमे में हैं। जिस समय वह बच्चों के बीच अपनी नियमित जिम्मेदारी निभा रहे थे, उसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की घटना ने सभी को झकझोर दिया।
हरजीत ग्रेवाल अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं। उनका बेटा खेती का काम संभालता है, जबकि बेटी कनाडा में पढ़ाई कर रही है। उनके दो बड़े भाई भी हैं।
हेड टीचर की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य डीएमसी अस्पताल पहुंचे। अचानक और असमय हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
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