लुधियाना नगर निगम में हंगामा, FCC चुनाव पर भिड़े पार्षद
लुधियाना नगर निगम हाउस में शुक्रवार को फाइनेंस एंड कॉन्ट्रेक्ट कमेटी (FCC) के दो सदस्यों के चुनाव के लिए हुई बैठक में जमकर हंगामा हुआ। मेयर इंदरजीत कौर की अध्यक्षता में गुरुनानक देव भवन में यह बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षद अश्वनी शर्मा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षद गौरवजीत गोरा के बीच हाथापाई हो गई। अन्य सदस्यों और पुलिस ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कराया। विधायक दलजीत सिंह भोला से भाजपा पार्षदों की चुनाव प्रक्रिया को लेकर बहस हो गई थी। इसी बात को लेकर गुस्से में आकर पूर्व PA अश्वनी शर्मा लड़ने के लिए दौड़ पड़े।
मेयर और विपक्ष के बीच चुनाव की तारीख को लेकर तकरार
विपक्षी पार्षद आज ही वोटिंग कराने पर अड़े हैं, वहीं मेयर का कहना है कि 29 अगस्त को मतदान होगा। विपक्ष का आरोप है कि AAP का उम्मीदवार आज बैठक में मौजूद नहीं है, इसलिए चुनाव में देरी की जा रही है। निगम सचिव विवेक वर्मा ने कहा कि शाम 5 बजे तक नामांकन फार्म भरे जा सकते हैं। नियमों के अनुसार, तीन दिन बाद मतदान कराया जाएगा। मेयर इंदरजीत कौर ने कहा कि यह चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। भाजपा पार्षदों ने हाथ उठाकर वोट करने की बात कही। वहीं, हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी का कहना है कि अदालत ने आज ही चुनाव कराने का आदेश दिया है। निगम आयुक्त ओजस्वी अलंकार ने कहा कि मेयर चुनाव अधिकारी होंगे। हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
AAP में उम्मीदवारों को लेकर भारी कलह
इस बीच, AAP में उम्मीदवारों के चयन को लेकर भारी कलह हो गई है। पार्टी ने विधायकों के बेटों अमन बग्गा और युवराज सिद्धू को फिर से FCC सदस्य पद का उम्मीदवार बनाया है। हलका वेस्ट के पार्षदों ने इसका विरोध किया है। हलका वेस्ट के 10 पार्षदों और तीन अन्य पार्षदों ने देर रात बैठक की। विधायकों को जब बैठक की जानकारी हुई तो वे वहां पहुंचे और नाराज पार्षदों को मनाने का प्रयास किया। हलका वेस्ट के पार्षदों का कहना है कि उनके क्षेत्र के विधायक संजीव अरोड़ा जेल में हैं, जबकि अन्य विधायक मनमानी कर रहे हैं। पार्टी के 13 नाराज पार्षदों के सदन से अनुपस्थित रहने की आशंका जताई जा रही है, जो मेयर के लिए संकट बन सकती है।
FCC चुनाव का गणित: किसका पलड़ा भारी?
नगर निगम में AAP के पास 49 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 25 और भाजपा के 18 पार्षद हैं। अकाली दल के दो और एक निर्दलीय पार्षद हैं, जो फिलहाल भाजपा के साथ हैं। ऐसे में आप का एक सदस्य चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। दूसरी सीट के लिए आप, कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। कांग्रेस ने गौरव भट्टी को तो भाजपा ने रूचि गुलाटी को मैदान में उतारा है। आप को दोनों सीटें जीतने के लिए कम से कम तीन अतिरिक्त पार्षदों का समर्थन चाहिए। अगर आप के 13 पार्षद क्रॉस वोटिंग करते हैं या सदन से अनुपस्थित रहते हैं तो दूसरी सीट कांग्रेस या भाजपा के खाते में जा सकती है। मौजूदा समय में यह चुनाव लुधियाना की राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ है। आपको बता दें कि हाल ही में पंजाब सरकार ने शहरी विकास को लेकर कई योजनाएं शुरू की हैं, जिन पर FCC की मुहर लगना जरूरी है।
FCC की अहमियत और हाईकोर्ट का रुख
फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (FCC) को नगर निगम का सबसे शक्तिशाली निकाय माना जाता है। शहर के विकास कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय बजट से जुड़े बड़े फैसले इसी समिति में होते हैं। इससे पहले मेयर ने अमन बग्गा और युवराज सिद्धू को FCC मेंबर नियुक्त किया था। कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी ने इस नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय निकाय विभाग ने दोनों की नियुक्ति रद्द कर दी थी। अब नए सदस्यों के चुनाव को लेकर विपक्ष पारदर्शी प्रक्रिया की मांग कर रहा है। विपक्षी पार्षदों का कहना है कि चुनाव सीक्रेट बैलेट से होना चाहिए ताकि FCC में निष्पक्ष प्रतिनिधि चुने जा सकें। इस पूरे मामले पर नज़र रखने के लिए पंजाब न्यूज़ एक्सप्रेस पर बने रहें।
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